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एक हाथ से दिव्यांग, दूसरे से तूफानी गेंदबाजी और बल्लेबाजी, पढ़ें- आमीन की दिलचस्प कहानी

Thu, 17 Sep 2020 06:11 PM IST
ajay kumar अश्वनी कुमार, अमर उजाला, हिसार (हरियाणा)
अश्वनी कुमार, अमर उजाला, हिसार (हरियाणा) Published by: ajay kumar Updated Thu, 17 Sep 2020 06:11 PM IST
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Motivational story of Divyang Cricketer of Haryana
क्रिकेटर आमीन - फोटो : अमर उजाला

इरादे मजबूत हो तो विपरीत परिस्थितियों में भी आपको आगे बढ़ने से कोई रोक नहीं सकता। एक हाथ से दिव्यांग और पांच साल पहले पिता का साया उठ जाने के बाद भी 25 वर्षीय क्रिकेटर आमीन ने हिम्मत नहीं हारी और आगे बढ़ते चला गया। इतना ही नहीं, परिवार की हालत दयनीय होने के बाद भी आमीन ने अपना हौसला नहीं तोड़ा और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सीरीज जीती। वह लॉकडाउन से लेकर अब तक घर के पास बने मैदान में ही अभ्यास कर रहा है। 

Motivational story of Divyang Cricketer of Haryana
- फोटो : अमर उजाला

आमीन हरियाणा के हिसार जिले के गांव कुलेरी के रहने वाले हैं। दरअसल, बचपन से ही आमीन एक हाथ से दिव्यांग हैं। वह दूसरे हाथ से बल्लेबाजी, गेंदबाजी और क्षेत्ररक्षण करते हैं। वैसे आमीन गेंदबाजी में माहिर है लेकिन जब वह मैदान में अपनी प्रतिभा दिखाने उतरते है तो देखने वाले हैरान हो जाते हैं। आमीन ने बताया कि वर्ष 2017 में उन्होंने ढाका में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सीरीज में जीत हासिल की थी।

Motivational story of Divyang Cricketer of Haryana
- फोटो : अमर उजाला

भाई के खर्चे से चल रहा घर 
आमीन दो भाई और एक बहन है। घर में कमाने वाला सिर्फ बड़ा भाई सुनील है। वहीं माता सिलोचना बीमार रहती है। जिनकी दवाई चल रही है। ऐसे में घर का खर्चा मुश्किल हो जाता है। बड़े भाई की कमाई से ही घर का खर्चा चल रहा है। वहीं पांच साल पहले आमीन के पिता सुरजीत सिंह का हृदय गति रुकने से निधन हो गया था। उसके बाद परिवार की हालत और भी ज्यादा बिगड़ गई। इतना ही नहीं, परिवार की आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण आमीन ने बीए द्वितीय वर्ष की पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी। 

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Motivational story of Divyang Cricketer of Haryana
- फोटो : अमर उजाला

आमीन को बचपन से था क्रिकेटर बनने का शौक
आमीन को बचपन से ही क्रिकेट खेलने का शौक था। बचपन में प्लास्टिक की गेंद से फिर रबड़ और उसके बाद काफी सालों तक कॉस्को की गेंद से खेला। वर्ष 2013 में आमीन ने लेदर की गेंद से खेलना शुरू किया। उनका कहना है कि बल्लेबाजी में उन्हें विराट कोहली और गेंदबाजी में भुवनेश्वर कुमार से ही प्रेरणा मिली है। 

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Haryana - फोटो : अमर उजाला

आमीन का लक्ष्य इंडिया टीम में खेलना
आमीन का कहना है कि उनका लक्ष्य इंडिया टीम में खेलने का है। हालांकि अभी वह घर के पास बने मैदान में ही अभ्यास कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि सुबह रनिंग करते हैं और शाम को क्रिकेट का अभ्यास करते हैं। वहीं रविवार को दोस्तों संग मैच खेलते हैं। आमीन वर्ष 2018 में हरियाणा टीम के कैप्टन भी रह चुके हैं।

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