पंजाब सरकार ने सोमवार को विधानसभा में अपना बजट पेश किया। कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलनरत किसानों पर कैप्टन सरकार ने बड़ा दांव खेला है। बजट के दौरान सरकार ने कई किसान हितैषी योजनाओं को शुरू करने की घोषणा की। बजट में किसानों और खेत मजदूरों पर विशेष ध्यान देकर पंजाब वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल ने साफ कर दिया कि कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलनरत किसानों के प्रति कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार के रवैये में कोई बदलाव नहीं आया है और सरकार किसान हितैषी योजनाओं पर कोई समझौता नहीं करेगी।
कृषि कानूनों से नाराज किसानों पर कैप्टन ने खेला बड़ा दांव, कर्जमाफी, मुफ्त बिजली समेत कई बड़े एलान
कामयाब किसान-खुशहाल पंजाब कार्यक्रम की घोषणा
सरकार ने बजट में किसान और भूमिहीन खेत मजदूरों के कर्जमाफी का एलान किया है। वहीं किसानों को दी जा रही मुफ्त बिजली भी जारी रहेगी।वित्त मंत्री ने बजट पेश करते वक्त 'कामयाब किसान खुशहाल पंजाब' कार्यक्रम की घोषणा की। कार्यक्रम के तहत किसानों की रोजी-रोटी की सुरक्षा को सुनिश्चित किया जाएगा।
3780 करोड़ रुपये वाली यह योजना तीन वर्ष के लिए शुरू की जाएगी। वर्ष 2021-22 के लिए 1104 करोड़ का बजट रखा गया है। कार्यक्रम का उद्देश्य कृषि पर निर्भर लोगों की आमदनी में सुधार लाना है। इस कार्यक्रम के तहत पहले साल फाजिल्का के गांव गोबिंदगढ़ में 10 करोड़ की लागत से सब्जियों के लिए अत्याधुनिक केंद्र स्थापित किया जाएगा। वहीं 25 बागवानी इस्टेट स्थापित करने की योजना है। इस साल 80 करोड़ की लागत से बागवानी इस्टेट बनाए जाएंगे।
ये भी हुए फैसले
- अमृतसर में निर्माणाधीन पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ बागवानी रिसर्च एंड एजुकेशन को 24 करोड़ रुपये
- किसानों को बागवानी उत्पाद खुद बेचने के लिए मोबाइल वेंडिंग कार्ट देने का फैसला
- बागवानी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) तय करने और मुआवजे के रूप में मूल घाटे की भरपाई के लिए दो नई योजनाओं को शुरू करने का फैसला।
जारी रहेगी किसानों की कर्जमाफी योजना
कैप्टन सरकार की फसली कर्ज माफी योजना के अगले चरण के तहत वर्ष 2021-22 के दौरान 1.13 लाख किसानों का 1186 करोड़ रुपये तक का कर्ज माफ किया जाएगा। इसी तरह भूमिहीन खेत मजदूरों का 526 करोड़ का कर्ज माफ करने के लिए बजट में कर्जमाफी की मद में कुल 1712 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। उल्लेखनीय है कि किसान कर्जमाफी योजना के तहत सरकार अब तक दो लाख रुपये तक के कर्ज वाले 5.83 लाख छोटे व मझौले किसानों को राहत दी है। इनमें से 3.19 लाख मझोले किसानों और 1.26 लाख छोटे किसानों को 2707.12 करोड़ की कर्ज राहत सहकारी बैंकों के सदस्यों के तौर पर दी गई है।
