नेकचंद ने चंडीगढ़ में बेकार और टूटे-फूटे सामान से रॉक गार्डन का निर्माण किया था, इसी तर्ज पर पंजाब के पटियाला में भी एक मुख्याध्यापक ने प्रयास किया है। पटियाला के रहने वाले निरभै सिंह धालीवाल ने पुरानी और टूटी फुटी चीजों को नया रूप देते हुए एक पार्क का निर्माण किया है। पटियाला के अर्बन एस्टेट फेज-2 में बने इस पार्क का आकर्षण ऐसा है कि दूर-दूर से लोग इस पार्क को देखने आने लगे हैं।
{"_id":"5ff55b5e8ebc3e33ad731c38","slug":"punjab-patiala-man-gave-new-look-to-old-things","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"ये हैं पटियाला के 'नेकचंद', बेकार चीजों को दिया नया रूप, कबाड़ से सजा दिया पार्क ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ये हैं पटियाला के 'नेकचंद', बेकार चीजों को दिया नया रूप, कबाड़ से सजा दिया पार्क
Wed, 06 Jan 2021 12:13 PM IST
निवेदिता वर्मा
अमर उजाला, पटियाला (पंजाब)
अमर उजाला, पटियाला (पंजाब)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Wed, 06 Jan 2021 12:13 PM IST
विज्ञापन
पटियाला में निरभै सिंह धालीवाल ने बेकार चीजों को नया रूप दिया है।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पटियाला में निरभै सिंह धालीवाल ने बेकार चीजों को नया रूप दिया है।
- फोटो : अमर उजाला
सरकारी प्राइमरी स्कूल गांव चन्नो के मुख्याध्यापक निरभै सिंह धालीवाल ने लॉकडाउन में इस पार्क को मूर्त रूप देना शुरू किया था। इसको बनाने में 40 हजार रुपये खर्च हुए हैं। यह खर्च इन्होंने खुद ही वहन किया है। उनके इस प्रयास का नतीजा यह रहा कि इस पार्क को लोग आर्ट डेकोरेशन के तौर पर जानने लगे हैं। लोगों का यह पंसदीदा सेल्फी स्पॉट बनता जा रहा है।
पटियाला में बेकार चीजों को मिला नया रूप।
- फोटो : अमर उजाला
तिनका-तिनका जोड़ कर पार्क को दिया है नया रूप
धालीवाल का कहना है कि लॉकडाउन के समय जब स्कूल बंद हो गए थे। तभी इन्होंने इस पार्क को बेकार पड़ी वस्तुओं से सजाना शुरू किया था। इसको सजाने के लिए टूटी बोतल, फ्यूज पड़े बल्बों, पुराने व बेकार पड़े चरखों, टायरों, चूल्हों, पुरानी साइकिलों, लोहे की वस्तु, छतरियों, टूटे टेबल, पुरानी जींस, कपड़ों, टेडीबियर, शीशे, फ्रेम, जूतों, रंग करने वाले ब्रश, टंकी, घड़ों, दीयों और बिजली के सामान का इस्तेमाल किया गया है।
धालीवाल का कहना है कि लॉकडाउन के समय जब स्कूल बंद हो गए थे। तभी इन्होंने इस पार्क को बेकार पड़ी वस्तुओं से सजाना शुरू किया था। इसको सजाने के लिए टूटी बोतल, फ्यूज पड़े बल्बों, पुराने व बेकार पड़े चरखों, टायरों, चूल्हों, पुरानी साइकिलों, लोहे की वस्तु, छतरियों, टूटे टेबल, पुरानी जींस, कपड़ों, टेडीबियर, शीशे, फ्रेम, जूतों, रंग करने वाले ब्रश, टंकी, घड़ों, दीयों और बिजली के सामान का इस्तेमाल किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
पटियाला में बेकार चीजों को दिया नया रूप।
- फोटो : अमर उजाला
रंगकर्मी भी हैं धालीवाल
मुख्याध्यापक निरभै सिंह धालीवाल एक रंगकर्मी भी हैं और पंजाबी यूनिवर्सिटी के पास ओपन एयर थियेटर भी चलाते हैं। इसमें वे युवाओं को कलामंच की ट्रेनिंग भी देते हैं। उन्होंने बताया कि इस काम में अब तो इलाके लोग भी सहयोग देने लगे हैं। वे अपने घरों में पड़े पुराने सामान को निकालकर पार्क में रख जाते हैं। पार्क का आर्ट डेकोरेशन के नाम पर इंस्टाग्राम अकाउंट भी चल रहा है।
मुख्याध्यापक निरभै सिंह धालीवाल एक रंगकर्मी भी हैं और पंजाबी यूनिवर्सिटी के पास ओपन एयर थियेटर भी चलाते हैं। इसमें वे युवाओं को कलामंच की ट्रेनिंग भी देते हैं। उन्होंने बताया कि इस काम में अब तो इलाके लोग भी सहयोग देने लगे हैं। वे अपने घरों में पड़े पुराने सामान को निकालकर पार्क में रख जाते हैं। पार्क का आर्ट डेकोरेशन के नाम पर इंस्टाग्राम अकाउंट भी चल रहा है।
विज्ञापन
पटियाला में निरभै सिंह धालीवाल ने बेकार चीजों को नया रूप दिया है।
- फोटो : अमर उजाला
पटियाला डेवलपमेंट अथॉरिटी की मुख्य प्रशासक सुरभि मलिक ने भी इस काम के लिए धालीवाल की सराहना की है। उन्होंने कहा कि उनके इस प्रयास से सीख लेकर हमें भी अपने आसपास के क्षेत्र को साफ- सुथरा रखना चाहिए। उन्होंने आश्वासन दिया है कि जल्द ही इस पार्क का नवीनीकरण किया जाएगा।