{"_id":"5c7e479fbdec221463258945","slug":"women-s-day-2019-assistant-commandant-of-bsf-soumya-success-story","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Women's Day: मां के सपनों को उड़ान दी और 23 साल की उम्र में पा लिया वो मुकाम, देखते रह गए सभी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Women's Day: मां के सपनों को उड़ान दी और 23 साल की उम्र में पा लिया वो मुकाम, देखते रह गए सभी
Wed, 06 Mar 2019 08:58 AM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Wed, 06 Mar 2019 08:58 AM IST
विज्ञापन
बीएसएफ की सहायक कमांडेंट सौम्या
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एक छोटे से शहर निकली, मां के सपनों को उड़ान दी और मात्र 23 साल की उम्र में वो मुकाम पा लिया कि सभी लोग देखते ही रह गए। वूमेन्स डे पर पढ़ें, बहादुर बेटी के कड़े संघर्ष की कहानी।
बीएसएफ की सहायक कमांडेंट सौम्या
हम बात कर रहे हैं हरियाणा में सोनीपत जिले में सेक्टर-12 की रहने वाली सौम्या की, जो बीएसएफ में प्रदेश की पहली व देश की तीसरी महिला सहायक कमांडेंट बनी हैं। सौम्या ने संघ लोक सेवा आयोग की तरफ से आयोजित परीक्षा में पहले ही प्रयास में यह सफलता हासिल की है। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर दूसरा स्थान पाया है।
बीएसएफ की सहायक कमांडेंट सौम्या
मध्यप्रदेश के ग्वालियर के टेकनपुर स्थित बीएसएफ अकादमी में आयोजित दीक्षांत समारोह में सौम्या को स्वार्ड ऑफ ऑनर से सम्मानित किया गया। दीक्षांत समारोह के बाद घर लौटीं सौम्या ने बताया कि उसे जल्द ही देश की सीमा पर अधिकारी के तौर पर नियुक्ति मिलेगी। फिलहाल वह ग्वालियर स्थित बीएसएफ अकादमी में ट्रेनिंग के लिए गईं हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
बीएसएफ की सहायक कमांडेंट सौम्या
सौम्या ने बताया कि ट्रेनिंग के दौरान भी उन्हें पहले बेस्ट ट्रेनी के लिए स्वार्ड ऑफ आनर व बेस्ट इन इंडोर सब्जेक्ट्स के लिए डीजी ट्राफी से बीएसएफ अकादमी के निदेशक यूसी सारंगी द्वारा सम्मानित किया गया। सौम्या बचपन से ही सेना व आर्म्ड फोर्स में जाने की इच्छुक थी। उन्होंने वर्ष 2016 में दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्विद्यालय मुरथल से कंप्यूटर साइंस व इंजीनियरिंग में बीटेक किया है।
विज्ञापन
बीएसएफ की सहायक कमांडेंट सौम्या
सौम्या के पिता कुलदीप सिंह राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भिगान में प्राचार्य के पद पर तैनात हैं और राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त हैं। उनकी माता मंजू चौहान भी सोनीपत के एक निजी स्कूल में अध्यापिका हैं। उनके ताऊ रिटायर्ड कैप्टन प्रेम सिंह चौहान को भी वीरता के लिए राष्ट्रपति द्वारा वीर चक्र दिया जा चुका है। सौम्या के परिवार के अधिकतर लोग सेना में हैं और उसने भी सेना में जाने की प्रेरणा उन्हीं से ली है।