{"_id":"67c812d34e3f24a9ee0cd97d","slug":"champions-trophy-2025-indian-cricket-team-coach-gautam-gambhir-first-icc-tournament-journey-2025-03-05","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Gautam Gambhir: आलोचना झेली...पक्षपात के लगे आरोप; अब कोच के तौर पर पहले ICC टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचाया","category":{"title":"Cricket News","title_hn":"क्रिकेट न्यूज़","slug":"cricket-news"}}
Gautam Gambhir: आलोचना झेली...पक्षपात के लगे आरोप; अब कोच के तौर पर पहले ICC टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचाया
Wed, 05 Mar 2025 02:31 PM IST
शोभित चतुर्वेदी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शोभित चतुर्वेदी
Updated Wed, 05 Mar 2025 02:31 PM IST
सार
गंभीर ने पिछले साल जुलाई में भारतीय टीम के मुख्य कोच पद को संभाला था। गंभीर ऐसे समय पद पर आए जब भारत ने द्रविड़ के कार्यकाल में टी20 विश्व कप का खिताब जीता था। कम समय में ही गंभीर के कार्यकाल की आलोचना होने लगी और उनकी शैली पर भी सवाल खड़े किए गए।
विज्ञापन
गौतम गंभीर
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सात महीने पहले भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने पूर्व बल्लेबाज गौतम गंभीर को टीम इंडिया का मुख्य कोच नियुक्त किया। गंभीर राहुल द्रविड़ के सफल कार्यकाल के बाद इस पद पर आए थे। उनके सामने कड़ी चुनौतियां थी। गंभीर की शैली द्रविड़ से काफी अलग थी और ऐसी चर्चा होनी शुरू हो गई थी कि उनके विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे सीनियर खिलाड़ियों से रिश्ते क्या बेहतर रहेंगे? कम समय में ही गंभीर के कार्यकाल की आलोचना होने लगी और उनकी शैली पर भी सवाल खड़े किए गए।
गंभार और रोहित
- फोटो : ANI
टी20 टीम में बदलाव से हुई शुरुआत
गंभीर ने पिछले साल जुलाई में भारतीय टीम के मुख्य कोच पद को संभाला था। गंभीर ऐसे समय पद पर आए जब भारत ने द्रविड़ के कार्यकाल में टी20 विश्व कप का खिताब जीता था। रोहित शर्मा और विराट कोहली ने टी20 अंतरराष्ट्रीय से संन्यास ले लिया था और इस प्रारूप में भारतीय टीम बदलाव के दौर से गुजर रही थी। माना जा रहा था कि हार्दिक पांड्या को टी20 टीम की कमान सौंपी जाएगी, लेकिन कप्तानी सूर्यकुमार यादव को मिली। यह हैरान करने वाला फैसला था, लेकिन टीम इंडिया में गंभीर का दौर शुरू हो चुका था और संभवतः सूर्यकुमार को कप्तानी मिलने में गंभीर की अहम भूमिका रही।
गंभीर ने पिछले साल जुलाई में भारतीय टीम के मुख्य कोच पद को संभाला था। गंभीर ऐसे समय पद पर आए जब भारत ने द्रविड़ के कार्यकाल में टी20 विश्व कप का खिताब जीता था। रोहित शर्मा और विराट कोहली ने टी20 अंतरराष्ट्रीय से संन्यास ले लिया था और इस प्रारूप में भारतीय टीम बदलाव के दौर से गुजर रही थी। माना जा रहा था कि हार्दिक पांड्या को टी20 टीम की कमान सौंपी जाएगी, लेकिन कप्तानी सूर्यकुमार यादव को मिली। यह हैरान करने वाला फैसला था, लेकिन टीम इंडिया में गंभीर का दौर शुरू हो चुका था और संभवतः सूर्यकुमार को कप्तानी मिलने में गंभीर की अहम भूमिका रही।
गौतम गंभीर
- फोटो : ANI
श्रीलंका दौरे से कार्यकाल हुआ शुरू
गंभीर ने अपने कार्यकाल की शुरुआत श्रीलंका दौरे से की, जहां टीम को तीन टी20 और इतने ही वनडे मैच खेलने थे। भारत ने सूर्यकुमार की अगुआई में शानदार प्रदर्शन किया और श्रीलंका के खिलाफ सीरीज 3-0 से जीती। अब बारी थी वनडे की, जिसमें टीम नियमित कप्तान रोहित के नेतृत्व में उतरी। गंभीर का मानना था कि श्रीलंका के खिलाफ वनडे सीरीज में सभी सीनियर खिलाड़ी हिस्सा लें, इसलिए रोहित-कोहली जैसे स्टार खिलाड़ी श्रीलंका दौरे का हिस्सा बने। हालांकि, भारत के लिए वनडे सीरीज अच्छी नहीं रही और श्रीलंका ने 2-0 से टीम इंडिया को मात दी। यह भारत की श्रीलंकाई धरती पर वनडे में द्विपक्षीय सीरीज में 26 साल में पहली हार थी।
गंभीर ने अपने कार्यकाल की शुरुआत श्रीलंका दौरे से की, जहां टीम को तीन टी20 और इतने ही वनडे मैच खेलने थे। भारत ने सूर्यकुमार की अगुआई में शानदार प्रदर्शन किया और श्रीलंका के खिलाफ सीरीज 3-0 से जीती। अब बारी थी वनडे की, जिसमें टीम नियमित कप्तान रोहित के नेतृत्व में उतरी। गंभीर का मानना था कि श्रीलंका के खिलाफ वनडे सीरीज में सभी सीनियर खिलाड़ी हिस्सा लें, इसलिए रोहित-कोहली जैसे स्टार खिलाड़ी श्रीलंका दौरे का हिस्सा बने। हालांकि, भारत के लिए वनडे सीरीज अच्छी नहीं रही और श्रीलंका ने 2-0 से टीम इंडिया को मात दी। यह भारत की श्रीलंकाई धरती पर वनडे में द्विपक्षीय सीरीज में 26 साल में पहली हार थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
गौतम गंभीर
- फोटो : ANI
वनडे में हार का ठीकरा गंभीर पर फूटा
श्रीलंका के खिलाफ वनडे सीरीज में निराशजनक प्रदर्शन के बाद सोशल मीडिया पर गंभीर की आलोचना होने लगी। उनकी तुलना द्रविड़ के कार्यकाल से की जाने लगी। हालांकि, यह कोच के रूप में उनका पहला ही दौरा था इसलिए बोर्ड ने भी इन आलोचनाओं को ज्यादा गंभीर नहीं लिया। श्रीलंका सीरीज के बाद भारतीय टीम को करीब एक महीने का ब्रेक मिला। आराम के बाद गंभीर की परीक्षा शुरू होनी थी। भारत को सितंबर से जनवरी के बीच 10 टेस्ट मैच खेलने थी और यह विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) 2023-25 चक्र के फाइनल में पहुंचने के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण थे।
श्रीलंका के खिलाफ वनडे सीरीज में निराशजनक प्रदर्शन के बाद सोशल मीडिया पर गंभीर की आलोचना होने लगी। उनकी तुलना द्रविड़ के कार्यकाल से की जाने लगी। हालांकि, यह कोच के रूप में उनका पहला ही दौरा था इसलिए बोर्ड ने भी इन आलोचनाओं को ज्यादा गंभीर नहीं लिया। श्रीलंका सीरीज के बाद भारतीय टीम को करीब एक महीने का ब्रेक मिला। आराम के बाद गंभीर की परीक्षा शुरू होनी थी। भारत को सितंबर से जनवरी के बीच 10 टेस्ट मैच खेलने थी और यह विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) 2023-25 चक्र के फाइनल में पहुंचने के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण थे।
विज्ञापन
गौतम गंभीर
- फोटो : ANI
न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज गंवाई
भारत का सामना घर में बांग्लादेश से था जहां उसने दो मैचों की टेस्ट सीरीज में 2-0 से क्लीन स्वीप किया। गंभीर के नेतृत्व में भारत ने पहली टेस्ट सीरीज में शानदार जीत दर्ज की। इसके बाद भारत का मुकाबला न्यूजीलैंड से हुआ। तीन मैचों की इस सीरीज में भारतीय टीम का प्रदर्शन घरेलू मैदान पर काफी खराब रहा और टीम इंडिया लंबे समय के बाद घर में कोई टेस्ट सीरीज हारी। कीवी टीम ने भारत को उसी के घर पर 0-3 से मात दी जिससे भारत के लिए डब्ल्यूटीसी के फाइनल की राह कठिन हो गई। अब मौका था सबसे बड़ी परीक्षा का। नवंबर में भारत को पांच मैचों की बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के लिए ऑस्ट्रेलिया का दौरा करना था।
भारत का सामना घर में बांग्लादेश से था जहां उसने दो मैचों की टेस्ट सीरीज में 2-0 से क्लीन स्वीप किया। गंभीर के नेतृत्व में भारत ने पहली टेस्ट सीरीज में शानदार जीत दर्ज की। इसके बाद भारत का मुकाबला न्यूजीलैंड से हुआ। तीन मैचों की इस सीरीज में भारतीय टीम का प्रदर्शन घरेलू मैदान पर काफी खराब रहा और टीम इंडिया लंबे समय के बाद घर में कोई टेस्ट सीरीज हारी। कीवी टीम ने भारत को उसी के घर पर 0-3 से मात दी जिससे भारत के लिए डब्ल्यूटीसी के फाइनल की राह कठिन हो गई। अब मौका था सबसे बड़ी परीक्षा का। नवंबर में भारत को पांच मैचों की बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के लिए ऑस्ट्रेलिया का दौरा करना था।