टीम इंडिया के बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा ने गुरुवार को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे टेस्ट के दूसरे दिन अपने करियर का 17वां शतक जमाया और एक खास रिकॉर्ड अपने नाम किया। मौजूदा सीरीज में पुजारा का दूसरा जबकि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चौथा शतक है। उन्होंने इस साल तीसरा शतक जमाया और बड़ी बात यह है कि ये तीनों शतक भारत से बाहर बनाए हैं।
दाएं हाथ के बल्लेबाज ने विदेश में खेलते हुए एक कैलेंडर ईयर में सातवीं बार 50 या इससे अधिक रन का स्कोर बनाया, जो कि भारतीय बल्लेबाजों में संयुक्त रूप से दूसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। यही नहीं अगर विश्व स्तर पर देखें तो पुजारा का प्रदर्शन संयुक्त रूप से तीसरा सर्वश्रेष्ठ है।
इसी के साथ पुजारा ने एक खास रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। वह नंबर-3 पर कम से कम 10 पारियों को 50 से 100 रन में तब्दील करने में सबसे सफल भारतीय बल्लेबाज बन गए हैं। पुजारा ने तीसरे क्रम पर 47.06 प्रतिशत के रूपांतरण दर से अर्धशतकों को शतकों में तब्दील किया है।
इसे मामले में दूसरे स्थान पर पूर्व बल्लेबाज दिलीप वेंगसरकर काबिज हैं, जिनका रूपांतरण दर 42.11 प्रतिशतक का रहा। तीसरे स्थान पर पूर्व दिग्गज बल्लेबाज राहुल द्रविड़ 35.90 प्रतिशत के साथ काबिज हैं। 33.33 प्रतिशत के साथ वीवीएस लक्ष्मण चौथे और 30.77 प्रतिशत के साथ मोहिंदर अमरनाथ पांचवें स्थान पर काबिज हैं।
इस दौरान पुजारा ने कप्तान कोहली के साथ तीसरे विकेट के लिए 170 रन की साझेदारी की। पुजारा ने अपनी मैराथन पारी में 319 गेंदों का सामना किया और 10 चौकों की मदद से 106 रन बनाए।