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वैभव की वो 11 गेंदें जिसने रच दिया इतिहास: 15 साल के बल्लेबाज के आगे बेबस दिखे श्रीलंकाई गेंदबाज, टूटे रिकॉर्ड
Sun, 21 Jun 2026 01:29 PM IST
शोभित चतुर्वेदी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, दांबुला
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, दांबुला
Published by: शोभित चतुर्वेदी
Updated Sun, 21 Jun 2026 01:29 PM IST
सार
वैभव सूर्यवंशी ने श्रीलंका ए के खिलाफ त्रिकोणीय सीरीज के फाइनल मुकाबले में दमदार प्रदर्शन किया। वैभव ने इस दौरान महज 11 गेंदों पर अर्धशतक लगाया। आइए हम आपको बताते हैं कि वैभव द्वारा खेली इन शुरुआती 11 गेंदों पर किस तरह चौकों-छक्कों की बरसात हुई...
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वैभव सूर्यवंशी
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
भारत की नई बल्लेबाजी सनसनी वैभव सूर्यवंशी ने त्रिकोणीय सीरीज के फाइनल में विस्फोटक बल्लेबाजी की। वैभव ने भारत ए के लिए खेलते हुए महज 11 गेंदों पर अर्धशतक पूरा किया और लिस्ट ए क्रिकेट में सबसे तेज पचासा जड़ने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। 15 साल के वैभव ने इस मैच में श्रीलंका ए के गेंदबाजों की धज्जियां उड़ा दी और जब तक वह क्रीज पर रहे भारत ए का स्कोर मीटर तेजी से बढ़ता रहा। वैभव जब बल्लेबाजी कर रहे थे तो भारत का प्रोजोक्टेड स्कोर 950 रन तक पहुंच गया था।
वैभव और प्रियांश
- फोटो : BCCI
प्रियांश के साथ निभाई शतकीय साझेदारी
श्रीलंका ए ने त्रिकोणीय सीरीज के फाइनल में टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। भारत ए के लिए वैभव के साथ प्रियांश आर्या बल्लेबाजी के लिए उतरे। इन दोनों बल्लेबाजों ने पहली ही गेंद से आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करना शुरू किया। इस दौरान वैभव और प्रियांश दोनों को ही कई जीवनदान भी मिले, जिसका इन दोनों ने पूरा फायदा उठाया। वैभव और प्रियांश ने इतनी तेजी से बल्लेबाजी की जिससे भारत ए ने 50 रनों का आंकड़ा महज तीन ओवर में ही पार कर लिया। वैभव यहीं नहीं रुके और उन्होंने श्रीलंका ए के गेंदबाजों की जमकर खबर ली। वैभव शतक की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन साहन आराचिघे की गेंद पर विकेट गंवा बैठे। वैभव ने 29 गेंदों पर 10 चौकों और आठ छक्कों की मदद से 94 रन बनाए। वैभव ने प्रियांश आर्या के साथ मिलकर पहले विकेट के लिए 53 गेंदों पर 132 रनों की साझेदारी की।
श्रीलंका ए ने त्रिकोणीय सीरीज के फाइनल में टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। भारत ए के लिए वैभव के साथ प्रियांश आर्या बल्लेबाजी के लिए उतरे। इन दोनों बल्लेबाजों ने पहली ही गेंद से आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करना शुरू किया। इस दौरान वैभव और प्रियांश दोनों को ही कई जीवनदान भी मिले, जिसका इन दोनों ने पूरा फायदा उठाया। वैभव और प्रियांश ने इतनी तेजी से बल्लेबाजी की जिससे भारत ए ने 50 रनों का आंकड़ा महज तीन ओवर में ही पार कर लिया। वैभव यहीं नहीं रुके और उन्होंने श्रीलंका ए के गेंदबाजों की जमकर खबर ली। वैभव शतक की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन साहन आराचिघे की गेंद पर विकेट गंवा बैठे। वैभव ने 29 गेंदों पर 10 चौकों और आठ छक्कों की मदद से 94 रन बनाए। वैभव ने प्रियांश आर्या के साथ मिलकर पहले विकेट के लिए 53 गेंदों पर 132 रनों की साझेदारी की।
वैभव सूर्यवंशी
- फोटो : BCCI
11 गेंदों में से सिर्फ एक डॉट
- वैभव ने इस मैच में अपनी पारी की शुरुआत लगातार तीन चौकों के साथ की।
- वैभव ने शुरुआती 11 गेंदों में से सिर्फ एक डॉट गेंद खेली बाकी 10 गेंदों को बाउंड्री के पार पहुंचाया।
- वैभव ने इन 11 गेंदों पर पांच चौके और पांच छक्के लगाए। इसके साथ ही उन्होंने लिस्ट ए क्रिकेट में सबसे तेजी से अर्धशतक लगाने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।
- वैभव ने इस मामले में 20 साल पुराने रिकॉर्ड को तोड़ा जो के. वीररत्न के नाम था जिन्होंने 2005/06 में 12 गेंदों पर पचासा लगाकर ये रिकॉर्ड बनाया था।
- दिलचस्प बात यह है कि वीररत्न ने ये रिकॉर्ड तब बनाया था जब वैभव का जन्म भी नहीं हुआ था।
- वैभव खुद 15 साल के हैं, लेकिन इस मैच में उन्होंने 20 साल पुराने रिकॉर्ड को ध्वस्त कर दिया।
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वैभव सूर्यवंशी
- फोटो : BCCI
शिराज के ओवर से जुटाए 26 रन
श्रीलंका ए के लिए मोहम्मद शिराज जब अपना दूसरा ओवर करने आए तो वैभव सूर्यवंशी ने उन्हें काफी महंगा साबित किया। वैभव ने शिराज के इस ओवर से 26 रन जुटाए और 18 गेंदों पर ही भारत के 50 रनों का आंकड़ा पार करवाया। वैभव ने इस ओवर की शुरुआत चौके के साथ की। इसके बाद उन्होंने शिराज पर लगातार दो छक्के लगाए और अगली गेंद डॉट हुई। इसके बाद उन्होंने पांचवीं गेंद पर छक्का लगाया और छठी गेंद को चौके के लिए भेजा। श्रीलंका ए की फील्डिंग भी इस दौरान खराब रही और उन्होंने वैभव को कई बार जीवनदान दिए।
श्रीलंका ए के लिए मोहम्मद शिराज जब अपना दूसरा ओवर करने आए तो वैभव सूर्यवंशी ने उन्हें काफी महंगा साबित किया। वैभव ने शिराज के इस ओवर से 26 रन जुटाए और 18 गेंदों पर ही भारत के 50 रनों का आंकड़ा पार करवाया। वैभव ने इस ओवर की शुरुआत चौके के साथ की। इसके बाद उन्होंने शिराज पर लगातार दो छक्के लगाए और अगली गेंद डॉट हुई। इसके बाद उन्होंने पांचवीं गेंद पर छक्का लगाया और छठी गेंद को चौके के लिए भेजा। श्रीलंका ए की फील्डिंग भी इस दौरान खराब रही और उन्होंने वैभव को कई बार जीवनदान दिए।