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B'day Special: भारत का पहला 'टर्बनेटर', जिसे शेन वॉर्न भी मानते हैं आदर्श

Sun, 25 Sep 2016 10:26 PM IST
टीम डिजिटल / अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल / अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sun, 25 Sep 2016 10:26 PM IST
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India's first turbanator who was Shane warne's ideal
बिशन सिंह बेदी - फोटो : getty
भारत के पूर्व टेस्ट क्रिकेटर बिशन सिंह बेदी का जन्म 25 सितम्बर 1946 को पंजाब के अमृतसर में हुआ था। बेदी बाएं हाथ के परंपरागत गेंदबाज़ थे। उन्होंने भारत के लिए 1966 से 1979 तक टेस्ट क्रिकेट खेला है और वह भारत की प्रसिद्ध स्पिन चौकड़ी ( बेदी, प्रसन्ना, चंद्रशेखर और वेंकटराघवन) का हिस्सा थे। बेदी को अपनी हाजिर जवाबी और बेबाक रवैये के लिए जाना जाता है। उन्होंने क्रिकेट पर पूरी बेबाकी से अपने विचार रखे। विवादों का बेदी के साथ चोली दामन का साथ रहा है।  बेदी गेंद को फ्लाइट कराने में बहुत माहिर थे और वे गेंद को उचित समय तक अपने पास रोकने एवं समय पड़ने पर तेजी से आगे बढ़ाने में और स्पिन गेंदबाजी में चालाकी भरे बदलाव करने में बहुत माहिर थे।  

 

B'day Special: भारत का पहला 'टर्बनेटर', जिसे शेनवॉर्न मानते हैं अपना आदर्श

India's first turbanator who was Shane warne's ideal
बिशन सिंह बेदी - फोटो : getty
यह बहुत कम लोग जानते हैं कि वह देश के पहले 'टर्बनेटर' थे। हालांकि टर्बनेटर के नाम से हरभजन सिंह लोकप्रिय हैं। बेदी को यह नाम सत्तर के दशक में दर्शकों ने दिया था। बेदी को हमेशा एक रंगीन पटका पहनते थे। इसलिए उन्हें टर्बनेटर कहा जाता था।   बिशन सिंह बेदी ने करियर में 67 टेस्ट खेले। इसमें उन्होंने 27.81 की औसत से 266 विकेट हासिल किए। जब उन्होंने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लिया तब वह सबसे ज्यादा टेस्ट विकेट लेने वाले भारतीय थे। बेदी ने 22 टेस्ट मैचों में भारत की कप्तानी भी की। उनके कप्तानी को कई बड़े विवादों के लिए आज भी याद किया जाता है।
 

B'day Special: भारत का पहला 'टर्बनेटर', जिसे शेनवॉर्न मानते हैं अपना आदर्श

India's first turbanator who was Shane warne's ideal
बिशन सिंह बेदी - फोटो : getty
1976 में बेदी भारतीय टीम के कप्तान थे। उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ एक मैच में 306/6 के स्कोर पर वेस्टइंडीज की खतरनाक बॉलिंग के कारण घोषित कर दी थी। इसके पीछे कारण यह था कि इस पारी में चोट लगने के कारण दो बल्लेबाज चोटिल होकर रिटायर्ड हर्ट  हो गए थे। जबकि दूसरी पारी में 6 भारतीय बल्लेबाज चोटिल हो गए थे और भारत यह मैच 10 विकेटों से हार गया था। 

 
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बिशन सिंह बेदी - फोटो : getty
1976 में इंग्लैंड के खिलाफ मैच के दौरान बेदी ने जॉन लीवर के खिलाफ यह अपील की थी कि वह गेंद को चमकाने के लिए वेसलीन का इस्तेमाल कर रहे हैं। लीवर यह कहकर बच गए कि उन्होंने अपने बालों में वेसलीन इसलिए लगाई थी ताकि पसीना उनके चेहरे पर न आ सके। बाद में लीवर के वेसलीन विवाद में बरी कर दिया गया था। कहा जाता है कि इस विवाद के कारण बेदी को विजडन क्रिकेटर ऑफ द ईयर नहीं घोषित किया गया। 


 
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बिशन सिंह बेदी - फोटो : getty
1978 में बेदी साहिवाल में पाकिस्तान के खिलाफ एक दिवसीय मैच में कप्तानी कर रहे थे। भारत को अंत में 26 गेंदों पर 23 रन की आवश्यक्ता थी। पाकिस्तानी तेज गेंदबाज सरफराज नवाज ने लगातार चार गेंदे बाउंसर फेंकी। बेदी ने इसके खिलाफ अपील की और गेंद को वाइड मानने को कहा। लेकिन अंपायर उनकी बात से सहमत नहीं हुए तो बेदी ने बल्लेबाजों को वापस बुला लिया और भारत यह मैच हार गया। जबकि भारत के पास आठ विकेट बचे थे और उसे जीत के लिए चौदा गेंदों पर सिर्फ 23 रन चाहिये थे।इसे लेकर उनकी आलोचना हुई थी। 
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