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PBKS vs DC: 455 दिन बाद एक्शन में लौटे ऋषभ पंत, खुद को दोबारा फिट बनाने के लिए की कड़ी मेहनत, पढ़ें उनकी कहानी

Sat, 23 Mar 2024 04:40 PM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: स्वप्निल शशांक Updated Sat, 23 Mar 2024 04:40 PM IST
सार

पंत का शुरूआती इलाज देहरादून में हुआ जिसके बाद उन्हें हवाई जहाज से मुंबई ले जाया गया जहां बीसीसीआई ने विशेषज्ञ से उनका इलाज कराया। दाहिने घुटने के सभी तीनों लिगामेंट के ऑपरेशन के बाद पंत ने बेंगलुरु में राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी में रिहैबिलिटेशन शुरू किया। अब 15 महीने बाद पंत मैदान पर वापसी कर रहे हैं।

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PBKS vs DC: Rishabh Pant returned to action after 455 days, worked hard to make himself fit, emotional story
ऋषभ पंत - फोटो : IPL
आईपीएल 2024 की सबसे बड़ी कमबैक स्टोरी ऋषभ पंत की है। 2022 के 30 दिसंबर को एक गंभीर कार दुर्घटना में घायल हुए इस खिलाड़ी ने पिछले 15 महीने में काफी कुछ सहा है। हालांकि, उनकी वापसी की कहानी काफी प्रेरणादायक रही है। बैसाखी के सहारे चलने से लेकर अब पूरी तरह फिट घोषित होने तक पंत ने काफी मेहनत की है। 455 दिन बाद उनकी क्रिकेट के मैदान पर वापसी हो रही है। पंत ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उन्हें यकीन ही नहीं था कि वह वापसी करेंगे। पंत ने कहा कि भयावह कार हादसे के बाद उन्हें अपना दाहिना पैर गंवाने का डर था। 
PBKS vs DC: Rishabh Pant returned to action after 455 days, worked hard to make himself fit, emotional story
ऋषभ पंत - फोटो : सोशल मीडिया
पंत ने खुद बताई अपनी रिकवरी की कहानी
उन्होंने एक सीरिज ‘बिलीव: टू डैथ एंड बैक’ में हादसे को याद करते हुए कहा, 'अगर कोई नस क्षतिग्रस्त होती तो पैर गंवाने का डर था। मैं उस समय डर गया था। मेरे दाहिने घुटने की हड्डी खिसक गई थी और काफी दर्द हो रहा था। वहां आसपास कोई था तो मैंने पूछा कि पैर को वापिस जगह पर लाने में मदद कर सकता है। उसने मेरे घुटने को सही जगह पर पहुंचाने में मदद की।' दो शख्स रजत कुमार और निशु कुमार ने पंत को उनकी एसयूवी से निकाला। कार में बाद में आग लग गई थी। पंत ने कहा- जीवन में पहली बार ऐसा डर महसूस हुआ। हादसे के समय चोट के बारे में तो पता था, लेकिन मैं खुशकिस्मत था क्योंकि यह और गंभीर हो सकती थी।
PBKS vs DC: Rishabh Pant returned to action after 455 days, worked hard to make himself fit, emotional story
ऋषभ पंत और दुर्घटना के बाद उनकी कार - फोटो : सोशल मीडिया
'गाड़ी चलाना मुझे पसंद, इसे कभी नहीं छोड़ूंगा'
पंत का शुरूआती इलाज देहरादून में हुआ जिसके बाद उन्हें हवाई जहाज से मुंबई ले जाया गया जहां बीसीसीआई ने विशेषज्ञ से उनका इलाज कराया। दाहिने घुटने के सभी तीनों लिगामेंट के ऑपरेशन के बाद पंत ने बेंगलुरु में राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी में रिहैबिलिटेशन शुरू किया। अब 15 महीने बाद पंत मैदान पर वापसी कर रहे हैं। पंत ने कहा कि अब हर कोई उन्हें गाड़ी चलाने के लिए मना कर रहा है। उन्होंने कहा-अब मुझे कहा जा रहा है कि ‘यार बिलकुल गाड़ी नहीं चलाना’। लेकिन कोई भी मुझसे ज्यादा डरा नहीं था। मैं अब भी गाड़ी चलाऊंगा क्योंकि मुझे गाड़ी चलाना पसंद है। एक हादसा हो गया तो इसका मतलब यह नहीं कि तुम उन चीजों को फिर दोबारा नहीं करोगे। पंत ने कहा कि वह करीब एक महीने तक बिस्तर पर रहे और सामान्य चीजें करने के लिए परेशान थे। उन्होंने धीरे धीरे घूमना शुरू कर दिया था।
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ऋषभ पंत - फोटो : सोशल मीडिया
'छोटी-छोटी चीजों से खुशी मिलती है'
उन्होंने कहा, 'मैंने कभी नहीं सोचा था कि मुझे अपने दांत साफ करना इतना अच्छा लगेगा। जब मैं नहाने गया तो मैं ‘बाथ टब’ से निकलना ही नहीं चाह रहा था। इन छोटी छोटी चीजों में मुझे खुशी मिली क्योंकि मैं भाग्यशाली था कि मुझे दूसरी जिंदगी मिली। हर कोई दूसरी जिंदगी मिलने के लिए भाग्यशाली नहीं होता।' पंत ने कहा- डॉक्टरों ने भी कहा कि दुर्घटना के बाद कोई फ्रेक्चर नहीं था। वे मुझे हमेशा कहते कि मैं भाग्यशाली हूं। निश्चित रूप से यह इतना भयानक हादसा था और लोगों को बुरा लगता है कि यह मेरे साथ हुआ। मैं भाग्यशाली कैसे हो सकता हूं? लेकिन इसका दूसरा पक्ष है कि हादसे के बाद भी मैं जीवित था।
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डॉक्टर पारदीवाला और ऋषभ पंत - फोटो : BCCI/IPL
डॉक्टरों ने पंत की रिकवरी को लेकर क्या कहा?
बीसीसीआई ने भी डॉक्टरों का एक वीडियो जारी किया था, जिसमें उनका इलाज करने वाले डॉक्टरों का बयान था। उनका इलाज करने वाले डॉक्टर-सर्जन दिनशॉ पारदीवाला भी इतने आशावादी नहीं थे कि पंत ठीक हो पाएंगे। हालांकि, पंत ने खुद को 'चमत्कारिक इंसान' नाम देकर किसी भी संदेह को खारिज कर दिया। पारदीवाला ने तो यहां तक कहा, 'जब आप प्रोफेशनल क्रिकेट में वापसी करोगे तो यह चमत्कार होगा।' पारदीवाला ने कहा, 'उनके घुटने की हड्डी डिस्लोकेट हो गई थी, यानी अपने जगह से खिसक गई थी। इस तरह की स्थिति में काफी मुश्किल होती है, लेकिन तभी पंत ने कहा, 'मैं एक चमत्कारी आदमी हूं। मुझे दो बार गंभीर चोट लगी है, लेकिन मैं ठीक हो चुका हूं। मैं निश्चित रूप से तीसरी बार में भी ठीक हो जाऊंगा'।
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