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B'Day Spcl: इस वजह से पिता के अंतिम संस्कार में नहीं जा पाए थे विराट, हर कोई रह गया था हैरान

Tue, 05 Nov 2019 10:16 AM IST
Rajeev Rai स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला Published by: Rajeev Rai Updated Tue, 05 Nov 2019 10:16 AM IST
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Virat kohli's father death makes him more mature and responsible man turned his life
विराट कोहली और उनके पिता - फोटो : सोशल मीडिया

विराट कोहली आज किसी पहचान के मोहताज नहीं है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में इस वक्त उनके जैसा बल्लेबाज शायद ही कोई और हो। रन मशीन के नाम से मशहूर हो चुके विराट का शतक बनाना अब बड़ी खबर नहीं बनता है बल्कि उनका शतक से चूकना चर्चा का विषय बन जाता है। 



अपना 31वां जन्मदिन मना रहे विराट बतौर  क्रिकेटर और खिलाड़ी आज युवाओं के प्रेरणास्रोत हैं, दिग्गज भी उनके खेल के कायल हैं। भारतीय क्रिकेट बिना विराट कोहली के खाली नजर आता है। लेकिन विराट आज जिस मुकाम पर हैं उसके लिए उन्हें काफी कड़ी मेहनत करनी पड़ी और कई कुर्बानियां भी देनी पड़ी। 

Virat kohli's father death makes him more mature and responsible man turned his life
विराट कोहली

साल 2006 का वो दिन था जब दिल्ली के फिरोजशाह कोटला क्रिकेट मैदान में खेले जा रहे रणजी ट्रॉफी के मुकाबले ने उनकी जिंदगी को पूरी तरह से बदलकर रख दिया। ये बात है 18 दिसंबर 2006 की। उस दिन दिल्ली और कर्णाटक के बीच मैच खेला जा रहा था और 18 साल के विराट ने कुछ ऐसा किया जिसने उसकी अपनी ही टीम नहीं बल्कि, विरोधियों को भी चौंका दिया। 

Virat kohli's father death makes him more mature and responsible man turned his life
विराट कोहली

कर्नाटक ने पहले खेलते हुए अपनी पहली पारी में 446 रन बनाया था। उस दिन दिल्ली में जबरदस्त सर्दी पड़ रही थी। लक्ष्य का पीछा करते हुए दिल्ली की टीम ने अपने शुरुआती पांच विकेट सौ रन के अंदर ही गंवा दिए थे।

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Virat kohli's father death makes him more mature and responsible man turned his life
विराट कोहली

अब मैच में बने रहने और फॉलोऑन से बचने की जिम्मेदारी इसी 18 साल के युवा विराट कोहली पर थी। विराट के साथ टीम के विकेट कीपर पुनीत बिष्ट बैटिंग कर रहे थे। दूसरे दिन का खेल खत्म होने पर विराट ने अपना विकेट बचाए रखा था और वो 40 रन पर नॉटआउट थे। लेकिन दिल्ली को फॉलोऑन बचाने के लिए लंबी दूरी तय करनी थी। दिल्ली टीम का स्कोर 103 रन था जिसमें अकेले विराट का योगदान 40 रन का था। मैच बचाने की जिम्मेदारी तीसरे दिन विराट पर ही थी।

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Virat kohli's father death makes him more mature and responsible man turned his life
विराट कोहली - फोटो : PTI

लेकिन उसी रात विराट के 54 वर्षीय पिता प्रेम कोहली का अचानक से दिल का दौरा पड़ने की वजह से देहांत हो गया। ये खबर देखते ही देखते हर तरफ फैल गई और टीम के कोच चेतन चौहान को इसकी सूचना दी गई। कोच ने भी विराट को इस दुखद समाचार से अवगत कराया।

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