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यहां हजारों वर्षों से वर्जित है हनुमान की पूजा करना, इस एक वजह से

Fri, 14 Jul 2017 09:39 AM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, देहरादून
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, देहरादून Updated Fri, 14 Jul 2017 09:39 AM IST
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dronagiri villagers do not worship hanuman
hanuman

रामायण में भगवान राम के बाद उनके भक्त हनुमान का जिक्र सबसे ज्यादा है। जिस देश में हनुमान के असंख्य मंदिर हैं। इसी देश में एक ऐसा गांव भी है जहां हनुमान की मूर्ति या फोटो तो दूर पूजा करना भी पाप है। जानिए...

dronagiri villagers do not worship hanuman
dronagiri village

उत्तराखंड के सीमांत जनपद चमोली के जोशीमठ प्रखण्ड में द्रोणागिरि गांव आता है। यह गांव लगभग 14000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। इस गांव के लोग सदियों से हनुमान से रुष्ट हैं। यहां हनुमान की पूजा करना पाप माना जाता है।

dronagiri villagers do not worship hanuman
hanuman in ramayana

इस गांव वालों की नाराजगी इस बात पर है कि हनुमान ने संजीवनी बूटी के लिए उस द्रोणगिरि पर्वत की दाहिनी भुजा (या हिस्सा) उखाड़कर उसे खंडित कर दिया, जिसे वे पूरी आस्था से पूजते हैं।

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dronagiri villagers do not worship hanuman
dronagiri village

आज भी गांव में परंपरागत जागर महोत्सव के दौरान जब देवप्रभात (द्रोणगिरि पर्वत को गांव वाले इसी रूप में पूजते हैं) किसी पश्वा (भाव लेने वाला पुरुष) के शरीर में आभासित होते हैं, तो उसका दाहिना हाथ बेजान हो जाता है. वह तब तक बेजान रहता है, जब तक देवप्रभात उसका शरीर छोड़कर चले नहीं जाते।

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dronagiri villagers do not worship hanuman
dronagiri rock

यह प्रतीकात्मक प्रमाण है, इस बात का कि द्रोणगिरी पर्वत के अंग आज तक भंग हैं और इसकी रखवाली तथा देखरेख करने वाले इस गांव के लोग अब तक इस नुकसान की भरपाई न कर पाने के अहसास से ग्रस्त और त्रस्त हैं।

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