राजभवन में आयोजित वसंतोत्सव के आखिरी दिन फूलों के दीदार के लिए दूनवासी उमड़ पड़े। यहां चारों ओर विभिन्न प्रजातियों के रंग-बिरंगे फूलों की प्राकृतिक खूबसूरती और मन में समा जाने वाली खुशबू ने बच्चों, महिलाएं, युवा और बुजुर्ग सभी को आकर्षित किया।
Vasantotsav 2018: राजभवन में बिखरा फूलों का सतरंगी संसार, देखना नहीं चाहेंगे?
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भीड़ का आलम यह था कि राजभवन में प्रवेश के लिए करीब पांच सौ मीटर लंबी लाइन लग गई। यातायात नियंत्रित करने के लिए पुलिस को खासी मशक्कत करनी पड़ी। राजभवन के बाहर वाहनों की लाइन भी राजभवन से विजय कॉलोनी पुल तक थी। वहीं, वसंतोत्सव के तहत पुष्प प्रदर्शनी के विभिन्न वर्गों में सर्वाधिक आठ अंक पाने वाले वन विभाग को रनिंग ट्रॉफी दी गई। जबकि, छह अंक पाकर भारतीय सैन्य अकादमी दूसरे और चार अंकों के साथ ओएनजीसी तीसरे स्थान पर रहा।
शनिवार को बरसात के बाद रविवार को मौसम सुहाना हो गया था। साथ ही छुट्टी का दिन होने से बड़ी संख्या में लोग परिवार के साथ वसंतोत्सव पहुंचे। उन्होंने फूलों के साथ सेल्फी लेकर इस पल को यादगार बनाया। वहीं, राज्यपाल डॉ.कृष्ण कांत पाल ने पुष्प प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
वह आर्ट गैलरी, स्टांप गैलरी और विभिन्न स्टालों पर भी गए। राज्यपाल ने पुष्प प्रतियोगिताओं में रंगोली और बच्चों की चित्र प्रतियोगिता, फोटो आदि के विजेताओं को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार से सम्मानित किया। इसके अलावा 11 पर्वतीय जिलों से चयनित तीन-तीन पुष्प उत्पादकों को प्रोत्साहन पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
टिकट प्रदर्शनी में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय आने वाले कुमारी अभिरी मिश्रा, कुमारी महक थापा और मास्टर शोभित प्रियदर्शी को भी क्रमश: पांच हजार, तीन हजार, दो हजार रुपये की नकद धनराशि देकर सम्मानित किया गया। पुरस्कार वितरण के बाद कलाकारों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिये उत्तराखंड की लोक संस्कृति की रंग-बिरंगी छटा बिखेरी।