कलियुग के अंत में जब एक हो जाएंगे भगवान बदरीनाथ के दोनों पर्वत!
चार धामों में से एक भगवान बदरीनाथ का मंदिर नर-नारायण पर्वत के बीच बसा हुआ है। कहा जाता है कि कलियुग के अंत में ये दोनों पर्वत मिलकर एक हो जाएंगे। तस्वीरों में देखिए, बदरीनाथ धाम के इतिहास से जुड़ी कुछ रोचक बातें...
कलियुग के अंत में जब एक हो जाएंगे भगवान बदरीनाथ के दोनों पर्वत!
द्वापर युग में यहां भगवान बदरी का विग्रह रूप प्रकट हुआ और इसी रूप में भगवान यहां निवास करते हैं। कहते हैं कि कलियुग के अंत में नर-नारायण पर्वत एक हो जाएंगे। इससे बद्रीनाथ का मार्ग बंद हो जाएगा, लोग भगवान बदरी के दर्शन नहीं कर पाएंगे।
कलियुग के अंत में जब एक हो जाएंगे भगवान बदरीनाथ के दोनों पर्वत!
इस घटना से जुड़ी एक मान्यता यह भी है कि जोशीमठ में जहां शीतकाल में बद्रीनाथ की चलमूर्ति रहती है वहां भगवान नृसिंह का एक मंदिर है।
कलियुग के अंत में जब एक हो जाएंगे भगवान बदरीनाथ के दोनों पर्वत!
वहां शालीग्राम शिला में भगवान नृसिंह का एक अद्भुत विग्रह है। इस विग्रह की बायीं भुजा पतली है और समय के साथ यह और भी पतली होती जा रही है। जिस दिन इनकी कलाई टूट जाएगी उस दिन नर-नारायण पर्वत एक हो जाएंगे।
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बदरीनाथ धाम के बारे में एक मान्यता यह भी है कि जो बद्रीनाथ का दर्शन करता है उनका पुनर्जन्म नहीं होता है।