आपदा प्रभावित जोशीमठ के मनोहर बाग वार्ड में दो आवासीय भवन असुरक्षित घोषित किए गए हैं और अब यह तोड़े जाएंगे। आपदा प्रभावित क्षेत्र में यह पहले आवासीय भवन हैं जिनको तोड़ा जाएगा।
Joshimath: असुरक्षित दो मकानों को तोड़ने के आदेश, यह पहले आवासीय भवन जिनको तोड़ने की प्रक्रिया हुई शुरू
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वैज्ञानिक तरीके से ध्वस्तीकरण के आदेश
जिलाधिकारी हिमांशु खुराना ने भवनों को वैज्ञानिक तरीके से ध्वस्तीकरण के आदेश जारी कर दिए हैं। इससे पहले नगर में होटल माउंट व्यू, मलारी इन और लोक निर्माण विभाग के भवन के ध्वस्तीकरण के आदेश जारी किए जा चुके हैं। प्रशासन के अनुसार अभी तक नगर में कुल आठ भवनों के ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू की गई है।
प्री फैब्रिकेटेड हट बनाने का काम शुरू
प्रशासन ने जोशीमठ नगर के पास उद्यान विभाग की जमीन पर सैंपल के तौर पर प्री फैब्रिकेटेड हट बनाने का काम शुरू कर दिया है। यहां वन, टू और थ्री बीएचके हट बनाकर प्रभावितों को दिखाए जाएंगे। इसके साथ ही यहां के लिए सड़क बनाने का काम भी शुरू कर दिया गया है। अब सरकार ने लोगों को विस्थापित करने को लेकर भी काम शुरू कर दिया है। इसी दिशा में प्रशासन ने बुधवार से सैंपल हट बनाने की प्रक्रिया शुरू की है। जोशीमठ नगर से एक किमी पहले बदरीनाथ हाईवे और औली रोड से लगी उद्यान विभाग की साढ़े तीन हेक्टेयर जमीन है। यहां पर प्री फैब्रिकेटेड सैंपल हट बनाए जा रहे हैं।
258 परिवारों को अस्थायी रूप से किया विस्थापित
जोशीमठ भू-धंसाव से मकानों पर दरारें आने के कारण सरकार ने अब तक 258 परिवारों के 865 सदस्यों को अस्थायी रूप से राहत शिविरों में विस्थापित किया है। बुधवार को राहत व बचाव कार्यों की जानकारी देते हुए सचिव आपदा प्रबंधन डॉ. रंजीत सिन्हा ने बताया कि अस्थायी रूप से चिन्हित राहत शिविरों में जोशीमठ में कुल 615 कमरों की व्यवस्था की गई। जिसकी क्षमता 2190 लोगों को ठहराने की है। पीपलकोटी में 491 कमरों की क्षमता 2205 लोगों के ठहरे की है।
अब तक 849 भवनों में दरारें आईं
उन्होंने बताया कि भू-धंसावा से अब तक 849 भवनों में दरारें आई है। विभिन्न एजेंसियों के माध्यम से सर्वेक्षण का कार्य जारी है। उन्होंने बताया कि गांधीनगर में एक, सिंहधार में दो, मनोहर बाग में पांच, सुनील वार्ड में सात भवन असुरक्षित घोषित किए गए। 258 परिवारों को सुरक्षा को देखते हुए अस्थायी रूप से विस्थापित किया गया। इन परिवारों में कुल 865 सदस्य हैं।