ड्राईवर की एक लापरवाही दस जिंदगियों पर भारी पड़ गई। हादसा इतना भयानक था कि इसकी जानकारी देने वाला भी कोई नहीं बचा।
पुलिस ने बताई दर्दनाक हादसे की असली वजह, कहा ऐसा होता तो बच जाती दस जिंदगियां
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टनकपुर-पिथौरागढ़ एनएच पर जिला मुख्यालय से करीब 22 किलोमीटर दूर स्वांला मंदिर के पास बुधवार सुबह 5:50 बजे एक मैक्स (सवारी वाहन) करीब 400 मीटर गहरी खाई में गिर गई। दुर्घटना में मैक्स में सवार 10 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।
खाई से शवों को निकालने के लिए पुलिस और बचाव टीम को काफी मशक्कत करनी पड़ी। अपराह्न एक बजे बाद सभी दस शवों को खाई से सड़क पर लाया जा सका। दुर्घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस, प्रशासन और आपदा राहत की टीम मौके पर पहुंची।
स्वांला मंदिर के समीप हवा में कई पलटियां खाने के बाद चार सौ मीटर से अधिक गहरी खाई में गिर गई। इससे जीप के परखचे उड़ गए, जबकि चालक सहित जीप में सवार सभी दस लोगों की मौत हो गई। मृतकों में सात पुरुष, एक बच्चा, दो महिलाएं शामिल हैं।
चढ़ाई में आ रही जीप के दुर्घटनाग्रस्त होने की वजह चालक को झपकी आना बताया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि अगर नींद की झपकी नहीं आई होती तो इस सड़क पर हादसा होने का कोई मतलब नहीं बनता। लेकिन सड़क पर पैराफिट नहीं थे। अगर होते तो कार खाई में गिरने से बच सकती थी।