ऋषिकेश-गंगोत्री हाईवे पर सुल्याधार के पास हुई बस दुर्घटना में फिर सरकारी तंत्र की लापरवाही सामने आई है। सुल्याधार में कॉजवे का निर्माण आधा-अधूरा पड़ा है।
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टिहरी बस दुर्घटना: इस वजह से गई 14 बेकसूर लोगों की जान, हादसे में देवदूत बने ये लोग
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंबा (टिहरी)
Updated Thu, 19 Jul 2018 07:34 PM IST
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- फोटो : amar ujala
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क्षेत्रवासियों का कहना है कि हाईवे की सुरक्षा को देखते हुए यदि बीआरओ ने यहां पुख्ता सुरक्षा इंतजाम किए होते, तो शायद इतना बड़ा हादसा नहीं होता। पिछले दो साल से कॉजवे के काम से यहां सड़क संकरी हो रखी है। बीआरओ ने यहां पैरापिट की भी व्यवस्था नहीं की है।
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ऋषिकेश-गंगोत्री हाईवे पर चंबा-उत्तरकाशी के मध्य सुल्याधार में कॉजवे का निर्माण के लिए हाईवे के डामर को उखाड़ा गया है। स्थानीय निवासी राजेंद्र सिंह नेगी, अतर सिंह तोमर, दिनेश कृषाली ने बताया कि दो साल से सुल्याधार में कॉजवे का निर्माण बीआरओ पूरा नहीं कर पाया।
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सालभर पहले उन्होंने दुर्घटना स्थल पर सड़क मरम्मत करने के लिए डीएम और बीआरओ को ज्ञापन भी दिया था, लेकिन स्थिति जस की तस बनी है। क्षतिग्रस्त सड़क और कॉजवे का आधा-अधूरा निर्माण बस दुर्घटना की बड़ी वजह रहा है।
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देवदूत बनकर आए स्थानीय ग्रामीण
सुल्याधार बस हादसे के दौरान जुगड़गगांव, किरगणी, दिखोलगांव, धारकोट, नकोट के लोग देवदूत बनकर आए। बस दुर्घटना होते ही जुगड़गांव के प्रधान हरि प्रसाद सकलानी ने सबसे पहले चंबा थाना और 108 सेवा को सूचना दी। आसपास के सभी गांवों के लोगों ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य किया।
सुल्याधार बस हादसे के दौरान जुगड़गगांव, किरगणी, दिखोलगांव, धारकोट, नकोट के लोग देवदूत बनकर आए। बस दुर्घटना होते ही जुगड़गांव के प्रधान हरि प्रसाद सकलानी ने सबसे पहले चंबा थाना और 108 सेवा को सूचना दी। आसपास के सभी गांवों के लोगों ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य किया।