रुड़की में दवा कंपनी में काम करने वाले नितिन की हत्या अपने ही पैसे मांगने पर कर दी गई। दवा कंपनी कर्मी ने एक लाख 10 हजार रुपये आरोपियों के खाते में जमा करवाए थे। परिवार अब उसे लौटाने से इंकार कर रहा था। जब उसने सख्ती की तो धारदार हथियार से हत्या कर शव अनाज की टंकी में छुपा दिया गया। पुलिस ने हत्याकांड में शामिल दो भाइयों, एक नाबालिग और उनकी मां को गिरफ्तार कर लिया है। नाबालिग को बाल सुधार गृह और तीन अन्य आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
Roorkee: पैसों के लिए हुई थी नितिन की हत्या, अनाज की टंकी में दो दिन छिपाए रखा शव, हुए चौंकाने वाले खुलासे
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भगवानपुर की दवा कंपनी में काम करता था नितिन
जांच में पता चला था कि नितिन भंडारी भगवानपुर स्थित एक दवा कंपनी में नौकरी करता था। पुलिस ने तहरीर पर अज्ञात हत्यारों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। जांच में पता चला कि आरोपी परिवार कमरे में रखा सामान एक टेंपो में रखकर ले गया था। टेेंपो चालक की जानकारी जुटाकर उससे पूछताछ की गई तो पता चला कि वह बुलंदशहर सामान छोड़ने गया था। सामान में एक बुलेट भी थी। इसका नंबर भी टेंपो चालक ने पुलिस को बताया। इसके बाद बाइक नंबर की तस्दीक की गई।
तीन दिन से दबिश कर रही थी पुलिस
इसके आधार पर पुलिस ने रविवार को धमेड़ा अड्डा वार्ड नंबर- 32, बुलंदशहर यूपी में दबिश दी। वहां से फरार हुई महिला गुलशन बेगम पत्नी जफर और उसके नाबालिग बेटे को गिरफ्तार किया। उनकी निशानदेही पर नितिन का गैस सिलिंडर, फ्रिज व बुलेट बरामद हुई। दोनों से पूछताछ के बाद कस्बा हल्दौनी, दादरी ग्रेटर नोएडा में एक मकान में दबिश दी गई। वहां से मुख्य आरोपी आजाद, नौशाद पुत्र जफर धमेड़ा अड्डा वार्ड नंबर-32 बुलंदशहर यूपी को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस चारों को पकड़कर भगवानपुर लेकर आई।
नितिन ने खाते में डाले थे एक लाख 10 हजार रुपये
पूछताछ में आजाद और नौशाद ने बताया कि नितिन का कुछ महीने पहले खाता बंद हो गया था। उसने करीब एक लाख 10 हजार रुपये उनके खाते में डलवा दिए थे। अब वह एक प्लॉट खरीद रहा था। इसके लिए वह पैसे मांग रहा था इसलिए उन्होंने उसकी हत्या कर दी। इस पूरे प्रकरण में उनकी मां और नाबालिग भाई भी शामिल था। दोनों ने बताया कि हत्या करने के बाद वह शव को यूपी में कहीं ठिकाने लगाने के लिए टंकी लाए थे लेकिन टंकी से खून जमीन पर फैलने के कारण वह टंकी नहीं ले गए और फरार हो गए। एसएसपी ने बताया कि नाबालिग को बाल सुधार गृह और तीनों को जेल भेज दिया गया है। इस दौरान एसपी देहात, सीओ मंगलौर पंकज गैरोला, सीओ रुड़की नकलिनी त्यागी आदि मौजूद रहे। वहीं, एसएसपी ने पुलिस टीम के लिए 25 हजार के इनाम की घोषणा की है।
टीम वर्क से सुलझी मर्डर मिस्ट्री
दवा कंपनी कर्मचारी की मर्डर मिस्ट्री देहात से लेकर हरिद्वार पुलिस और सीआईयू के टीम वर्क से खुल पाई है। अमूमन देखा जाता है कि जिस सर्किल में घटना होती है उसमें उसी सर्किल के अधिकारी काम करते हैं। वहीं इस हत्याकांड में एसएसपी के नेतृत्व में एसपी देहात एसके सिंह, एसपी क्राइम रेखा यादव, सीओ ज्वालापुर निहारिका सेमवाल, सीओ विवेक कुमार भी जुटे रहे। घटना वाली रात में सभी अधिकारी मौके पर पहुंचे और हत्या के खुलासे में काम किया।