नया शासनादेश जारी होने के बाद लाखों एपीएल राशन कार्डधारक उपभोक्ताओं को राहत मिली है। एपीएल राशन कार्ड धारकों को मिलने वाले सरकारी चावल की दरें चार रुपये घटा कर सरकार ने 11 रुपये प्रति किलो कर दी है। प्रमुख सचिव खाद्य एवं आपूर्ति आनंद बर्द्घन की ओर से जारी इस शासनादेश में सस्ते चावल की संशोधित दरें एक सितंबर 2018 से लागू की गई है।
राशन कार्डधारक उपभोक्ताओं को मिली बड़ी राहत, सस्ता हो गया राशन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तराखंड में राज्य खाद्य योजना के तहत एपीएल उपभोक्ताओं को प्रति माह 10 किलो चावल और पांच किलो गेहूं मिलता है। जिसमें 2.5 किलो चावल उपभोक्ताओं को टाइड ओवर एलोकेशन के तहत केंद्र से दिया जाता है और 7.5 किलो राज्य स्तर पर उपलब्ध कराया जाता है। केंद्र की तुलना में राज्य स्तर पर दिए जाने वाले चावल के एपीएल कार्ड धारकों से ज्यादा रेट वसूले जा रहे थे।
केंद्र से मिलने वाला चावल 8.30 रुपये प्रति किलो दिया जाता है। वही चावल प्रदेश सरकार उपभोक्ताओं को 15 रुपये किलो दे रही थी। चावल दरों में अंतर होने से सरकार ने दरों में संशोधन करने का फैसला लिया था।
सोमवार को खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की ओर से चावल के रेट घटाने का शासनादेश जारी किया गया। जिसमें चावल के रेट चार रुपये प्रति किलो कम किए गए हैं। इससे प्रदेश के 10.5 लाख उपभोक्ताओं को राहत मिली है। संशोधित दरों को सरकार ने एक सितंबर 2018 से लागू करने के आदेश दिया हैं।
राज्य खाद्य योजना के तहत केंद्र से 8.30 रुपये में प्रति किलो चावल राज्य को मिलता है। जबकि 7.5 किलो चावल राज्य सरकार की ओर से डीबीटी से उपभोक्ताओं को दिया जाता है। पहले सरकार ने बाजार से 25 रुपये प्रति किलो चावल खरीद कर एपीएल उपभोक्ताओं देती थी। वर्तमान में सरकार डीबीटी से चावल दे रही थी। केंद्र और राज्य स्तर पर मिलने वाले चावल के रेट में अंतर होने से खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने सरकार को संशोधन करने का प्रस्ताव भेजा था। मुख्यमंत्री के अनुमोदन के बाद विभाग ने रेट घटाने के आदेश जारी किए।