नदी के कटाव के कारण रैणी गांव के निचले क्षेत्र में दरारें पड़ने से मलारी हाईवे पर भी दरारें पड़ गई हैं। यहां कभी भी हाईवे लंबे समय के लिए बंद हो सकता है। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की ओर से रैणी गांव के किनारे सुरक्षा दीवार का निर्माण किया जा रहा है, लेकिन धौली गंगा और ऋषि गंगा के भू-कटाव से हाईवे को खतरा बना हुआ है। नीती घाटी में चार दिनों से रुक-रुककर भारी बारिश हो रही है, जिससे हाईवे पर भू-धंसाव होता जा रहा है। जोशीमठ से करीब 50 किमी की दूरी पर स्थित रैणी गांव बीती 7 फरवरी को ऋषि गंगा की त्रासदी के बाद भूस्खलन की चपेट में आ गया था। गांव के निचले हिस्से और नीती घाटी की ओर से भूस्खलन शुरू हो गया। 14 जून को भारी बारिश के दौरान गांव के निचले हिस्से में मलारी हाईवे का करीब 40 मीटर हिस्सा टूटकर धौली गंगा में समा गया था। उसके बाद से गांव में भूस्खलन का दायरा भी बढ़ गया।
उत्तराखंड: नदी के कटाव से रैणी गांव में मलारी हाईवे पर पड़ी दरारें, कई दिन से हो रही बारिश से पहाड़ी रास्ते हुए खतरनाक, तस्वीरें
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Thu, 22 Jul 2021 04:02 PM IST
सार
जोशीमठ से करीब 50 किमी की दूरी पर स्थित रैणी गांव बीती 7 फरवरी को ऋषि गंगा की त्रासदी के बाद भूस्खलन की चपेट में आ गया था।
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