लोकप्रिय और ट्रेंडिंग टॉपिक्स

नैनीताल: सरोवर नगरी में बारिश ने तोड़ा कई सालों का रिकॉर्ड, उफान पर नैनी झील, तालाब बनीं सड़कें, तस्वीरें...

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल Published by: अलका त्यागी Updated Tue, 19 Oct 2021 05:15 PM IST
नैनीताल में सड़कों पर भरा पानी
1 of 6
विज्ञापन
उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में बारिश ने जमकर तबाही मचाई है। वहीं सरोवर नगरी नैनीताल में बारिश ने कई दशकों का रिकॉर्ड तोड़ दिया। जानकारी के अनुसार, नैनीताल में 24 घंटे में 445 मिमी बारिश दर्ज की गई। वहीं, सोमवार सुबह से लेकर मंगलवार की सुबह तक पूरे राज्य में 36.7 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई थी।

आसमानी आफत: उत्तराखंड में कहर बनकर बरसी बारिश, मलबे और सैलाब में जिंदा दफन हो गई कईं जिंदगियां, तस्वीरें

मौसम विज्ञानी विक्रम सिंह के मुताबिक इस अवधि में पूरे राज्य में औसतन 2.4 मिमी बारिश होती है, लेकिन मौसम के बदले मिजाज के चलते 36.7 मिमी बारिश हुई। ऐसे में सामान्य से 1428 फीसदी अधिक बारिश रिकार्ड की गई। जो हाल फिलहाल में अक्तूबर में सबसे अधिक बारिश है। 

उत्तराखंड में बारिश: हरिद्वार-ऋषिकेश में खतरे के निशान पर बह रही गंगा, हल्द्वानी में गौला नदी का अप्रोच पुल टूटा, तस्वीरें

नैनीताल में भारी बारिश से कई जगह पानी भर गया है। तल्लीताल चौराहे में (डांठ) में लगभग दो इंच की दरार पड़ गई। सूचना मिलते ही एसडीएम और सीओ मौके पर पहुंच गए। कैंट रोड में पानी का बहाव बहुत तेज होने के कारण दुकानों के अंदर फंसे लोगों को सेना के जवानों ने रेस्क्यू कर निकाला। इस दौरान सूखा ताल भी पानी से लबालब भरा नजर आया। 

Uttarakhand Rainfall: बारिश से भारी तबाही, मलबे में कई लोग जिंदा दफन, अलग-अलग जगहों पर अब तक 24 की मौत
नैनीताल में सड़कों पर भरा पानी
2 of 6
नैनीताल में अक्तूबर में हुई बारिश ने भी सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। सोमवार को भारी बारिश के बाद नैनीझील इतनी उफना गई कि अक्तूबर में पहली बार इसके दोनों निकासी गेट, वह भी डेढ़ फीट की अपनी पूरी क्षमता के अनुसार खोलने पड़े। इसके बावजूद मंगलवार को भी माल रोड और नैना देवी मंदिर परिसर में झील का पानी हिलोरे मारता रहा। 

विज्ञापन
नैनीताल में सड़कों पर भरा पानी
3 of 6
झील के निकासी द्वार दिन भर पूरी क्षमता में किसी अन्य महीने में भी इससे पहले कभी खोले जाने का रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। अक्तूबर में हालांकि 1998 में ये गेट कुछ समय खोले गए थे लेकिन सिर्फ कुछ इंच और वह भी ऐहतियात और प्रयोग के तौर पर। नैनीताल के ऊपरी छोर मल्लीताल में स्थित प्रसिद्ध नैनादेवी मंदिर परिसर में पहली बार असामान्य रूप से लगभग एक फुट तक झील का पानी भर गया।
नैनीताल की सड़कों पर भरा पानी
4 of 6
नैनीझील, मल्लीताल से तल्लीताल की ओर कुछ झुकी हुई है, जिस कारण इसके पूरा भर जाने पर भी इसका जल स्तर इस मंदिर परिसर से कुछ नीचे ही रहता है। यह पहला मौका है जब इतना ज्यादा पानी मंदिर तक पहुंचा है कि पूरे परिसर में भर गया है। झील के नियंत्रण के लिए जिम्मेदार सिंचाई विभाग के ईई केएएस चौहान ने बताया कि इससे पूर्व 1998 में अक्तूबर में 17 से 19 अक्तूबर तक 109 मिमी वर्षा हुई थी, लेकिन झील का जलस्तर 11 फीट 5 इंच तक ही गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
नैना देवी मंदिर और सड़कों पर पानी
5 of 6
जबकि किसी भी महीने में झील का अधिकतम स्तर 12 फीट होता है जो आमतौर पर कई वर्षों में किसी भी महीने में नहीं पहुंच पाता। उन्होंने बताया कि अक्तूबर में इतिहास में पहली बार झील का पानी उच्चतम स्तर 12 फीट तक पहुंचा है। 
विज्ञापन
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
Election
एप में पढ़ें
जानिए अपना दैनिक राशिफल बेहतर अनुभव के साथ सिर्फ अमर उजाला एप पर
अभी नहीं

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00