देहरादून राजभवन का शानदार परिसर शनिवार को फूलों की खुशबू से महक उठा। हजारों किस्म के फूलों की प्रदर्शनी ने राजभवन की सुंदरता में चार चांद लगा दिए।
तस्वीरों में देखें, राजभवन में बिखरा फूलों का सतरंगी संसार
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राज्यपाल डॉ. केके पाल और मुख्यमंत्री हरीश रावत ने वार्षिक पुष्प प्रदर्शनी वसंतोत्सव का शुभारंभ किया। इस अवसर पर स्कूली बच्चों की पेंटिंग, फिलैटली प्रतियोगिता, सांस्कृतिक कार्यक्रम और सेना के युद्ध कौशल प्रशिक्षण का प्रदर्शन भी आयोजित किया गया।
राज्यपाल डॉ. केके पाल ने औषधीय गुणों से भरपूर धार्मिक महत्व की वन तुलसी को विशेष आवरण के रूप में प्रदर्शित किया। उन्होंने फूलों की प्रदर्शनी और डाक टिकटों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि यह केवल पुष्पों की प्रदर्शनी नहीं, बल्कि लोकोत्सव का एक ऐसा वार्षिक आयोजन है, जहां व्यक्ति अपने पूरे परिवार के साथ प्रकृति, संगीत, कला, सौंदर्य, मनोरंजन, खानपान और प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर उपयोग की आधुनिक तकनीक एक स्थान पर पा सकता है। पुष्प उत्पादन राज्य में रोजगार का बेहतर साधन बन सकता है।
इस वर्ष पुष्प प्रदर्शनी की विभिन्न श्रेणियों के लिए कुल 1581 आवेदन आए, जिसमें व्यावसायिक पुष्प उत्पादकों, पुष्प प्रेमियों, शासकीय संस्थानों की प्रदर्शनी, कट फ्लावर्स को लोगों ने खूब पसंद किया। वहीं, पोटेड प्लांट्स, फ्रेश और ड्राई फ्लावर, अरेंजमेंट, माला, कैक्टस वैरायटी, बोंसाई आकर्षण का केंद्र रहा। वार्षिक पुष्प प्रदर्शनी में उद्यान, कृषि और जैविक उत्पादों के कुल 127 स्टाल लगाए गए हैं।
स्कूली बच्चों के लिए आयोजित पेंटिंग प्रतियोगिता में खूब उत्साह नजर आया। इस वर्ष 1069 स्कूली बच्चों ने प्रतियोगिता में भाग लिया। शारीरिक और मानसिक रूप से अशक्त व अपवंचित वर्ग के बच्चों ने भी प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा दिखाई।