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महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज: मैदान में पसीना बहा रहे खिलाड़ी, तकनीक और रणनीति सिखाने वाला कोई नहीं

Wed, 02 Sep 2026 10:55 AM IST
Renu Saklani माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून
माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून Published by: Renu Saklani Updated Wed, 02 Sep 2026 10:55 AM IST
सार

महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज में खिलाड़ी मेहनत में कोई कमी नहीं छोड़ रहे, लेकिन उनकी प्रतिभा को सही तकनीक और रणनीति देने वाला प्रशिक्षक ही नहीं है। करीब एक महीने से बैडमिंटन कोच का पद खाली है, ऐसे में खिलाड़ियों की नियमित ट्रेनिंग प्रभावित हो रही है।

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Maharana Pratap Sports College Faces Badminton Coach Shortage Players Train Without Technical Guidance
खेल मंत्री रेखा आर्य - फोटो : सूचना

विस्तार

महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज, रायपुर में खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए सुविधाएं और संसाधन उपलब्ध कराने के दावे के बीच प्रशिक्षक की कमी खिलाड़ियों के लिए बड़ी चुनौती बन रही है। कॉलेज में संचालित आठ खेलों में बैडमिंटन के कोच की नियुक्ति नहीं हो सकी है। इससे बैडमिंटन खिलाड़ियों का नियमित प्रशिक्षण प्रभावित हो रहा है।

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आलम यह है कि खिलाड़ी मैदान में पसीना तो बहा रहे हैं लेकिन उन्हें तकनीक और रणनीति सिखाने वाला कोई नहीं है। ऐसे में खिलाड़ियों को नियमित तकनीकी प्रशिक्षण के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है। कोच की कमी के बीच वैकल्पिक व्यवस्था के तहत खिलाड़ियों को दौड़ और शारीरिक अभ्यास तो कराया जा रहा है। हालांकि बैडमिंटन जैसे तकनीकी खेल में केवल फिटनेस अभ्यास पर्याप्त नहीं है।

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खिलाड़ियों को सर्विस, फुटवर्क, स्मैश, नेट प्ले और मैच रणनीति जैसी तकनीकी बारीकियों के लिए विशेषज्ञ प्रशिक्षक की जरूरत होती है। खेल प्रतिभाओं को तैयार करने वाले संस्थानों में प्रशिक्षकों की कमी लंबे समय तक बनी रहने से खिलाड़ियों के प्रदर्शन और भविष्य पर असर पड़ सकता है।
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कॉलेज में छात्र सीखते हैं आठ खेलों की बारीकियां

स्पोर्ट्स कॉलेज राज्य सरकार की ओर से संचालित आवासीय विद्यालय है, इसमें खेल गतिविधियों के साथ-साथ कक्षा छह से 12वीं तक के खिलाड़ियों को निशुल्क खेल प्रशिक्षण व शिक्षा प्रदान की जाती है। यहां एथलेटिक्स, फुटबाॅल, वालीबाॅल, बॉक्सिंग, क्रिकेट, हॉकी, जूडो और बैडमिंटन में तकनीकी प्रशिक्षण के साथ-साथ उत्तराखंड राज्य विद्यालयी शिक्षा के पाठ्यक्रम में शिक्षा की व्यवस्था की गई है।

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बैडमिंटन कोच ने कुछ समय पहले ही नौकरी छोड़ी है। कोच की नियुक्ति के लिए विज्ञप्ति निकाली जा चुकी है। इसके अलावा सभी औपचारिकताएं भी पूरी की जा चुकी हैं। जल्द ही कोच की नियुक्ति कर ली जाएगी। खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर कोई असर न पड़े इसके लिए अन्य सभी अभ्यास नियमित तौर पर कराए जा रहे हैं। इसके साथ ही खिलाड़ियों के सर्वागींण विकास पर विशेष ध्यान दिया जाता है। -शबाली गुरुंग, जिला क्रीड़ा अधिकारी

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