दिल्ली सरकार ने दिल्ली उत्पाद शुल्क (संशोधन) नियम 2021 के माध्यम से दिल्ली उत्पाद शुल्क नियम, 2010 में बदलाव किए हैं। संशोधित नियम 66(6) में प्रावधान है कि लाइसेंसधारी शराब की डिलीवरी तभी करेगा जब आदेश मोबाइल एप या वेबसाइट के माध्यम से प्राप्त होगा और किसी छात्रावास में डिलीवरी नहीं की जाएगी। नई आबकारी नीति के तहत दिल्ली को 32 जोन में बांटा गया है। लाइसेंस का आवंटन हो चुका है।
सरकार की नई आबकारी नीति के खिलाफ भाजपा प्रदर्शन कर रही है। भाजपा का कहना है धार्मिक स्थलों और स्कूलों के पास शराब की दुकानें खुलने के कारण दिल्ली शराब नगरी बन जाएगी। दिल्ली के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने की कोशिश की जा रही है। चक्का जाम की वजह से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अक्षरधाम से लेकर लिंक रोड तक पर भारी जाम लग गया है। चक्का जाम ने लोगों को परेशान कर रखा है। सुबह से ही कई लोग घंटों लंबे जाम में फंसे हैं।
नई व्यवस्था से होंगे ये बदलाव
नई व्यवस्था में दिल्ली सरकार खुदरा शराब के व्यापार से बाहर हो जाएगी। शराब की दुकानें अब कम से कम 500 वर्ग फुट क्षेत्र में खोली जाएंगी। दुकानें अब वातानुकूलित व सीसीटीवी से लैस होंगी। नई दुकान की वजह से सड़क पर भीड़ नहीं लगेगी। नई आबकारी नीति के तहत 2,500 वर्ग फुट के क्षेत्रफल वाले पांच सुपर-प्रीमियम खुदरा विक्रेता भी दुकान खोलेंगे, जहां शराब पीने की भी सुविधा दी जाएगी।