राजधानी में हवा की दिशा बदलने से वायु गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में बरकरार है। दिल्ली गैस चैंबर में बनी हुई है। आसमान में स्मॉग की चादर लिपटी है। एक तरफ तापमान गिरने से ठंड और दूसरी तरफ प्रदूषण की मार लोगों पर पड़ रही है। शुक्रवार को दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 429 दर्ज किया गया। यह गंभीर श्रेणी में है। इसमें गुरुवार की तुलना में 22 सूचकांक की कमी हुई है। दिल्ली-एनसीआर में आज भी हल्का कोहरा है।
कब तक गैस चैंबर बनी रहेगी दिल्ली : हवा गंभीर श्रेणी में, आज हो सकती है बेहद खराब; राजधानी में छाय कोहरा
थोड़ी राहत की बात है कि शनिवार मामूली सुधार के साथ वायु गुणवत्ता बेहद खराब श्रेणी में पहुंचने का पूर्वानुमान है। दिल्ली-एनसीआर में आज भी हल्का कोहरा है।
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इस वजह से बिगड़ रही स्थिति
थोड़ी राहत की बात है कि शनिवार मामूली सुधार के साथ वायु गुणवत्ता बेहद खराब श्रेणी में पहुंचने का पूर्वानुमान है। रात के समय स्मॉग छाया रहेगा। इससे हवा गंभीर श्रेणी में बनी रहेगी। विशेषज्ञों का कहना है कि प्रदूषकों के फैलाव के लिए मौसम संबंधी स्थितियां बेहद प्रतिकूल होने से स्थिति बिगड़ रही है।
30 इलाकों में वायु गुणवत्ता गंभीर
वजीरपुर, जहांगीरपुरी, आनंद विहार सहित 30 इलाकों में वायु गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में है। साथ ही, डीटीयू, लोधी रोड़ व आईजीआई एयरपोर्ट सहित केवल चार इलाकों में हवा बेहद खराब श्रेणी में रही। शुक्रवार को सुबह से ही कोहरे के साथ स्मॉग छाया रहा। दिन में हल्की धूप निकली, लेकिन स्मॉग की मोटी चादर लिपटी रही।
लोगों को करना पड़ा स्मॉग का सामना
भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम) के मुताबिक हवाएं उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर से चली। इस दौरान हवा की गति आठ किलोमीटर प्रतिघंटे रही। हालांकि, शाम को हवा की चाल चार किलोमीटर रही। इससे प्रदूषक कण और संघन हो गए। ऐसे में लोगों को स्मॉग का सामना करना पड़ा।
शनिवार को बेहद खराब श्रेणी में पहुंच सकती है हवा
आईआईटीएम के मुताबिक शनिवार को हवा उत्तर-पश्चिम दिशा से चलने का अनुमान है। इस दौरान हवा चार से 4 किलोमीटर प्रतिघंटे से चलेंगी। वहीं, शाम को हवाएं पश्चिम दिशाओं से चलेंगी। ऐसे में हवा बेहद खराब श्रेणी में रह सकती है। साथ ही, रविवार को हवा पूर्व दिशा से चल सकती है।
डिसिजन स्पोर्ट सिस्टम (डीएसएस) के मुताबिक, हवा में ट्रांसपोर्ट से होने वाले प्रदूषण की हिस्सेदारी 12.122 फीसदी, कूड़ा जलने से होने वाले प्रदूषण की हिस्सेदारी 1.23 फीसदी रही। वहीं, वेंटिलेशन इंडेक्स 1500 घनमीटर प्रति सेकंड रही। 24 घंटे के भीतर वेंटिलेशन इंडेक्स 5600 घनमीटर प्रति सेकंड रहने का अनुमान है। साथ ही, मिक्सिंग डेप्थ 900 मीटर दर्ज की गई।