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किस बीमारी से जूझ रहे अरुण जेटली AIIMS में हुए भर्ती, PM मोदी को पत्र लिख बना रखी है दूरी
Fri, 09 Aug 2019 10:40 PM IST
शाहरुख खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Fri, 09 Aug 2019 10:40 PM IST
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अरसे से बीमार चल रहे पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली (66) को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती कराया गया है। घबराहट और बेचैनी की शिकायत के बाद उन्हें मेडिकल जांच के लिए शुक्रवार सुबह 10 बजे कार्डियो-न्यूरो सेंटर में भर्ती कराया गया है। गहन चिकित्सा कक्ष (आईसीयू) में दिल और गुर्दे के डॉक्टरों की एक टीम जेटली के स्वास्थ्य की निगरानी कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला ने एम्स पहुंचकर उनका हाल जाना।
इस बीच, एम्स प्रशासन ने बयान जारी कर कहा है कि फिलहाल जेटली की हालत स्थिर है। इस साल मई में भी जेटली इलाज के लिए एम्स में भर्ती हुए थे। पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली पहले भी कई बार एम्स में भर्ती हो चुके हैं। 14 मई 2018 को एम्स में उनका किडनी प्रत्यारोपण हुआ था। इसके लिए डॉक्टरों की टीम बाहरी अस्पतालों से आई थी। इनमें दिल्ली के अपोलो अस्पताल के डॉ. संदीप गुलेरिया के अलावा दो वरिष्ठ डॉक्टर पीजीआई चंडीगढ़ के थे।
बताया यहां तक जाता है कि किडनी प्रत्यारोपण के दौरान टीम में एम्स के नेफ्रेालॉजी विभाग का एक भी डॉक्टर नहीं था। जनवरी 2019 पूर्व वित्त मंत्री को सारकोमा (फेफड़ा) में सॉफ्ट टिश्यू मिले थे। इसे लेकर उन्हें न्यूयार्क के डॉक्टरों की सलाह लेनी पड़ी थी। इसके बाद से उनका स्वास्थ्य लगातार गिरता जा रहा है। डॉक्टरों के कहने पर वे कई महीने से आइसोलेशन में रह रहे हैं।
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बाहर आने-जाने को लेकर भी डॉक्टरों ने उन्हें खास हिदायतें दे रखी हैं। इसीलिए उन्होंने हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव में प्रत्याशी न बनने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर स्वास्थ्य खराब होने की बात भी कही थी। तब से अरुण जेटली आइसोलेशन में रह रहे हैं। उनके रिश्तेदारों, परिजनों और करीबियों को छोड़ बाकी लोगों से दूरी भी बनाई गई है। इसके अलावा, वर्ष 2014 में अरुण जेटली की गैस्ट्रिक सर्जरी भी हो चुकी है। उन्हें मधुमेह की भी लंबे समय से परेशानी है।
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मोदी 2.0 कैबिनेट में शामिल होने से किया था इनकार
पिछले काफी समय से अरुण जेटली अस्वस्थ चल रहे हैं और इसी वजह से उन्होंने 2019 का लोकसभा चुनाव भी नहीं लड़ा था। उन्होंने दूसरी मोदी सरकार की कैबिनेट में शामिल होने से भी इनकार कर दिया था। जेटली ने पीएम नरेंद्र मोदी को लिखी चिट्ठी ट्विटर पर शेयर करते हुए लिखा था, ‘पिछले 18 महीने से मैं बीमार हूं। मेरी तबीयत खराब है, इसलिए मुझे मंत्री बनाने पर विचार न करें।’ 30 मई को पीएम मोदी और उनके मंत्रिमंडल शपथ ली थी।
पिछले काफी समय से अरुण जेटली अस्वस्थ चल रहे हैं और इसी वजह से उन्होंने 2019 का लोकसभा चुनाव भी नहीं लड़ा था। उन्होंने दूसरी मोदी सरकार की कैबिनेट में शामिल होने से भी इनकार कर दिया था। जेटली ने पीएम नरेंद्र मोदी को लिखी चिट्ठी ट्विटर पर शेयर करते हुए लिखा था, ‘पिछले 18 महीने से मैं बीमार हूं। मेरी तबीयत खराब है, इसलिए मुझे मंत्री बनाने पर विचार न करें।’ 30 मई को पीएम मोदी और उनके मंत्रिमंडल शपथ ली थी।