दिल्ली- देहरादून हाईवे पर शुक्रवार रात को दौराला थाना क्षेत्र (मेरठ) में लूटपाट के बाद दुल्हन की हत्या के वाद मसूरी के नाहल गांव गमगीन है। दुल्हन के लिबास में लिपटी महरिस को देखकर लोगों की रूह कांप गई और कोहराम मचा रहा। महिलाओं और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद देर शाम मृतका महरिस उर्फ फरहाना को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। उधर, परिजनों ने जल्द से जल्द हत्यारोपियों को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस से मांग की।
जब दुल्हन के लिबास में सजी लड़की को पहनाया कफन तो कांप उठी रूह, ससुराल में नहीं हुआ अंतिम संस्कार
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मृतका महरिस के पिता हाजी फरमान ने बताया कि शुक्रवार रात को निकाह की सभी रस्में पूरी होने के बाद दुल्हन को विदा किया गया। रात में फोन आने पर उन्हें वारदात की जानकारी मिली कि उनकी बेटी को अज्ञात बदमाशों ने दौराला थाना क्षेत्र के मटौर गांव में गोली मार दी है, जिससे उसकी मौत हो गई है।
परिजन मेरठ पहुंचे, जहां शनिवार को पोस्टमार्टम हुआ है। परिजन पोस्टमार्टम के बाद शव को लेकर मसूरी स्थित नाहल पहुंचे। परिजनों का कहना है कि महरिस को नाहल में इसलिए नाहल में ही सुपुर्द-ए-खाक किया गया क्योंकि कि वह ससुराल नहीं पहुंची थी, अगर वह ससुराल पहुंच गई होती तो उसका अंतिम संस्कार मुजफ्फरनगर के मिमलाना रोड स्थित गांव में होता, जहां का दूल्हा मोहम्मद शाबेज रहने वाला है।
बदमाशों ने शरीर से सटाकर मारी थी गोली
कार में सवार दूल्हे शाहबाज के बहनोई इमरान का कहना है कि वह कार में सवार थे। बदमाशों ने पहले पुरुषों से मारपीट की। उसके बाद बदमाशों महरिस से लूटपाट की और बाद में महरिस के शरीर से सटाकर गोली मारी।
सामूहिक विवाह में हुई थी शादी
परिजनों ने बताया कि मसूरी में शुक्रवार को एक संस्था की ओर से 23 जोड़ों का सामूहिक विवाह कराया गया था। इसमें मोहम्मद शाहबेज और महरिस की शादी हुई थी। संस्था की ओर से दोनों को गिफ्ट के रूप में घरेलू सामान दिया गया था। सामान को बाराती बाद में लेने की बात कहकर चले गए थे।