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लोनी अग्निकांड: दम घुटने पर ताई से लिपट गए थे पांचों मासूम, मौत से पहले सबने पीटे हाथ-पांव, लेकिन...

माई सिटी रिपोर्टर, गाजियाबाद Published by: शाहरुख खान Updated Tue, 31 Dec 2019 09:41 AM IST
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ghaziabad fire bodies of five children found wrapped with Tai
ghaziabad fire - फोटो : अमर उजाला
घटनास्थल पर गौर करें तो सभी चार बच्चे और उनकी ताई एक-दूसरे के ऊपर पड़े हुए थे, जबकि एक बच्चा फर्श पर मृत पड़ा था। इससे प्रतीत हो रहा है कि दम घुटने पर पांचों बच्चे अपनी ताई से लिपट गए थे। लेकिन, दम तोड़ते वक्त उन्होंने हाथ-पांव पीटे और फिर मौत के मुंह में समा गए। सुबह शवों को देख हर किसी के मुंह से चीख निकल पड़ी।
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ghaziabad fire bodies of five children found wrapped with Tai
विलाप करते परिजन - फोटो : अमर उजाला
जिस कमरे में हादसा हुआ, उसमें वेंटीलेशन का कोई रास्ता नहीं था। लिहाजा धुआं कमरे में ही इकट्ठा होता चला गया। देखते ही देखते माहौल बिगड़ता चला गया और कमरे में कार्बन मोनो ऑक्साइड गैस फैल गई। आग में वायरिंग फूंकने से बत्ती भी गुल हो गई थी, लिहाजा कमरे में अंधेरा था। 
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जांच करते विशेषज्ञ - फोटो : अमर उजाला
माना जा रहा है कि ऐसे में पांचों बच्चों व उनकी ताई को यह नहीं सूझा कि वे करें तो क्या करें। शवों को देखने पर स्पष्ट हुआ कि वे नाम-मात्र को झुलसे थे। शरीर धुएं से काले हो चुके थे। धुएं के गुबार का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कमरे में रखे सभी सामान, दीवारें आदि भी काली हो चुकी थीं।
 
ghaziabad fire bodies of five children found wrapped with Tai
इसी घर में लगी आग - फोटो : अमर उजाला
बच्चे से नहीं खुल सका दरवाजा
दो भाईयों के पांच मासूम बच्चे व तीसरे भाई की पत्नी गहरी नींद में सोये हुए थे। इसी बीच आग लगने से दम घुटने लगा। बताया जा रहा है कि एक बच्चे ने दरवाजा खोलने की कोशिश भी की थी, लेकिन धुआं व गैस का प्रेशर इतना था कि दरवाजा नहीं खुल सका। बच्चा वापस ताई व भाई-बहन के पास दौड़ा, लेकिन बेड से पहले ही अचेत होकर फर्श पर गिर गया।
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loni fire - फोटो : अमर उजाला
चीख-पुकारने का मौका तक नहीं मिला
हादसे के बाद सभी की जुबां पर एक ही बात थी कि किस तरह से पांचों ने तड़प-तड़प कर दम तोड़ा होगा। हादसे की गंभीरता इसी बात से पता चलती है कि किसी को चीखने-पुकारने का मौका तक नहीं मिला। इसी वजह से बगल के कमरे में सो रहे आसिफ और दूसरी मंजिल पर सो रहे जावेद व आरिफ को भनक तक नहीं लग सकी। लोगों का कहना है कि अगर थोड़ी-बहुत हलचल भी हो जाती तो परिजन जाग जाते और शायद छह जान बच जातीं।
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