आम आदमी पार्टी (आप) का अंदरूनी कलह एक बार फिर सतह पर आ गया है। रविवार को आप विधायक अमानतुल्ला खान का निलंबन रद्द होने के बाद वरिष्ठ नेता कुमार विश्वास पार्टी के आला नेतृत्व पर भड़के। विश्वास ने अमानतुल्ला को मोहरा बताते हुये इसके भीतर गहरी सियासी साजिश की आशंका भी जाहिर की। दिलचस्प यह कि विवाद उस वक्त गहराया है, दो दिन जब पार्टी की राष्ट्रीय परिषद की बैठक होने जा रही है। वहीं, आप की पांचवी सालगिरह भी नजदीक है।
तो इस वजह से भड़के वरिष्ठ नेता कुमार विश्वास...
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दरअसल, कुमार विश्वास को भाजपा का मुखौटा बताने का आरोप लगाने वाले अमानतुल्ला खान को पार्टी से निलंबित कर दिया था। आरोपों की जांच के लिये पार्टी ने एक तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया था। वरिष्ठ नेता आशुतोष के नेतृत्व में गठित कमेटी ने अमानतुल्ला के निलंबन को रद्द करने की सिफारिश की है। सूत्र बताते हैं कि पार्टी की सर्वोच्च इकाई पीएसी के ज्यादातर सदस्य कमेटी की सिफारिश से राजी थे। इसके बाद अमानतुल्ला का निलंबन रद्द कर दिया।
अमानतुल्ला की पार्टी में वापसी से खफा कुमार विश्वास शीर्ष नेतृत्व पर जमकर भड़के। विश्वास के मुताबिक, पांच साल में पहली बार राष्ट्रीय परिषद की बैठक में बतौर वक्ता उनका नाम तक नहीं है। हालांकि, उन्होंने कहा कि अगर पार्टी कार्यकर्ता चाहेंगे तो वह परिषद में अपनी बात रखेंगे। इस दौरान वह बैक टू बेसिस पर चर्चा करेंगे। बकौल विश्वास, अमानतुल्ला सिर्फ एक मुखौटा है। मैं नीम की तरह कड़वी दवा हूं। मैंने तो बैक टू बेसिक का नारा दिया था, लेकिन कुछ लोगों को पसंद नहीं आया है। दो नवंबर को जो बैठक है उसके वक्ताओं में मेरा नाम नहीं है।
विश्वास के मुताबिक, उन्हें पार्टी में साइड लाइन किया जा रहा है। यह आप की पुरानी परंपरा है। पहले मयंक गांधी और अंजलि दमानिया प्रशांत भूषण, योगेंद्र यादव के साथ ऐसा ही हुआ है। परिषद की बैठक से पहले एक बार फिर पुरानी चालें चली जा रही हैं। विश्वास ने बताया कि उन्हें जानूबझकर राजस्थान भेजा गया। हमने बैक टू बेसिस की बात की। छात्र संघ चुनाव में पार्टी की छात्र इकाई ने बेहतर किया। लेकिन कुछ लोगों को यह हजम नहीं हो रहा है। विश्वास ने माना कि उनकी मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से बात हुयी है। लेकिन उन्होंने इसके बारे में बताने से इंकार कर दिया।
कुमार विश्वास ने कहा कि उनके लिए अमानतुल्ला या राज्यसभा मुद्दा नहीं है। अमानतुल्ला तो लोक जन शक्ति पार्टी से आया नेता है। उनके खिलाफ इलाके में कई संगीन आरोप हैं। उन्होंने दावा किया कि उनके दरवाजे से राज्यसभा की कई सीटें वापस गई हैं, दूसरी पार्टी से आये लोगों की वजह से आप भी भाजपा व कांग्रेस बन रही है। उन्होंने अपील की कि सभी नेताओं को पीछे लौटकर देखना होगा। कुमार विश्वास के ऊपर निजी हमलों से कुछ नहीं होगा।