राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल के एनेस्थेसिया विभाग में कार्यरत डॉक्टर सिद्धार्थ शंकर महापात्रा (26) ने रविवार रात ओल्ड राजेंद्र नगर स्थित अपने फ्लैट पर फांसी लगाकर जान दे दी। मरने से पहले डॉ. सिद्धार्थ ने जमकर शराब पी। इसके बाद उसने अपने हाथ में एनेस्थेसिया का इंजेक्शन भी लगाया। पुलिस को एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जिसमें उसने जीवन से ऊबने का जिक्र किया है। शव के पास से पुलिस को शराब की बोतल, गिलास में कुछ शराब, नशे का इंजेक्शन व एक खाली सीरिंज बरामद हुई है। पुलिस ने ओडिशा में परिजनों को मामले की सूचना दे दी है।
सुसाइड या मर्डर: आरएमएल के डॉक्टर ने लगाई फांसी, बिना साइन वाले सुसाइड नोट पर लिखी चौंकाने वाली बात
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पुलिस के मुताबिक, मूलरूप से ओडिशा का रहने वाला डॉ. सिद्धार्थ अपने साथी डॉक्टरों सचिन व डॉ. अभिषेक के साथ 1/9 पुराने राजेंद्र नगर में किराये के फ्लैट में दूसरी मंजिल पर रहता था। सिद्धार्थ के परिवार में पिता जुगल किशोर महापात्रा, मां व अन्य सदस्य हैं। एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी करने के बाद मई 2017 में सिद्धार्थ आरएमएल अस्पताल के एनेस्थेसिया विभाग में तैनात हुआ। इसके साथी सचिन व अभिषेक भी आरएमएल अस्पताल में ही डॉक्टर हैं। तीनों दोस्तों ने ओल्ड राजेंद्र नगर में जुलाई माह में अशोक कुमार नामक शख्स का फ्लैट किराये पर लिया था। पिछले कुछ दिनों से डॉ. अभिषेक अपने परिवार से मिलने झारखंड गया हुआ था।
रविवार रात दिन में ड्यूटी के बाद सिद्धार्थ फ्लैट पर पहुंचा था जबकि सचिन नाइट शिफ्ट करने चला गया। सोमवार सुबह 8.25 बजे सचिन फ्लैट पर आया तो उसने देखा कि मेन गेट खुला हुआ था। अंदर कमरे में पंखे के हुक से सिद्धार्थ ने अपनी पैंट का फंदा बनाकर फांसी लगा रखी थी। सचिन ने पुलिस को सूचना देने के अलावा तीसरी मंजिल पर रहने वाले मकान मालिक अशोक को भी सूचना दी। खबर मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए। पुलिस को मृतक के पास से बिना साइन किया हुआ अंग्रेजी में लिखा सुसाइड नोट बरामद हुआ है। इसमें सिद्धार्थ ने जीवन से ऊबने का जिक्र किया है। पुलिस ने कमरे से सिद्धार्थ का मोबाइल फोन व अन्य सामान बरामद किया है।
अस्पताल से जब डॉक्टर सचिन फ्लैट पर पहुंचे तो घर का मेन गेट खुला हुआ था। जैसे ही सचिन ने सिद्धार्थ को फंदे से लटका देखा उसके होश उड़ गए। खबर मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। मामले की छानबीन कर रहे एक अधिकारी ने बताया कि फ्लैट के हालात देखकर लगभग तय है कि सिद्धार्थ ने खुद ही फांसी लगाई। लेकिन चूंकि उसके फ्लैट का मेन गेट खुला था। ऐसे में पुलिस सभी आशंकाओं को ध्यान में रखकर मामले की छानबीन कर रही है।
पक्षी की तरह आजाद उड़ना चाहता था
सुसाइड नोट में सिद्धार्थ ने लिखा था कि वह अपने जीवन से ऊब चुका है। वह आजाद पक्षी की तरह आसमान में उड़ना चाहता है, इसके अलावा प्रकृति की गोद में समाना चाहता है। नोट में उसने अपने खाने और शराब पीने का भी जिक्र किया है। सिद्धार्थ के साथी डॉक्टरों का कहना है कि वह पढ़ने में होशियार था। आत्महत्या के पीछे के कारणों का सही पता परिजनों से पूछताछ के बाद ही चल पाएगा।