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BJP उम्मीदवार ने अगर न चली होती ये चाल तो दिल्ली में हार जाती भाजपा!
Tue, 02 May 2017 03:52 PM IST
राकेश भट्ट/अमर उजाला, नई दिल्ली
राकेश भट्ट/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 02 May 2017 03:52 PM IST
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manjinder sirsa
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दिल्ली के राजौरी गार्डन विधानसभा सीट के लिए हुए उपचुनाव में बीजेपी के चुनाव चिन्ह कमल से लड़ने वाले मनजिंदर सिरसा को बड़ी जीत मिली है। अगर आंकड़ों पर नजर डालें तो इस उप चुनाव में पड़े कुल वोटों में से 52 फीसदी से ज्यादा वोट अकेले मनजिंदर को मिले हैं। जबकि आम आदमी पार्टी को केवल 13 प्रतिशत वोट मिले हैं वहीं कांग्रेस उम्मीदवार को 33 प्रतिशत वोट मिले हैं।
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असल में मनजिंदर सिंह सिरसा ने इस उप चुनाव में आने से पहले ही एक ऐसी रणनीति बनाई जो आम आदमी पार्टी और कांग्रेस दोनों पर भारी पड़ गई। इसे बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की चुनाव प्रबंधन की भी बड़ी सफलता कही जा सकती है जो लगातार कामयाब हो रही है।
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2013 में हुए चुनाव में आम आदमी पार्टी को कुल 16.70 प्रतिशत वोट मिले थे। 2015 में इन्हें 45.55 प्रतिशत वोट मिले। जबकि 2017 में इनका वोट प्रतिशत घटकर सीधे 13 प्रतिशत पर पहुंच गया। जबकि भाजपा को 2013 में 40.93 प्रतिशत वोट मिले थे जिसमें 2015 के विधानसभा चुनाव में काफी गिरावट आई लेकिन 2017 में बीजेपी ने फिर से अपने वोट प्रतिशत में इजाफा करते हुए इसे सीधे 52 प्रतिशत से भी ज्यादा पर पहुंचा दिया।
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बीजेपी ने पिछले तीन चुनाव में दिल्ली में अपने घटते जनाधार को जिस तरह से फिर से पाने में कामयाबी हासिल की है उसके पीछे सिरसा और अमित शाह दोनों की एक बड़ी रणनीति रही।
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मनजिंदर सिरसा
असल में मनजिंदर सिंह सिरसा अकाली नेता हैं और लंबे समय से दिल्ली में अकाली नेता के तौर पर ही सक्रिय रहे हैं। लेकिन चुनाव से ठीक पहले उन्होंने एक बड़ा फैसला लेते हुए यह तय किया कि चुनाव में वह अकाली दल के चुनाव चिन्ह की जगह बीजेपी के चुनाव चिन्ह कमल से चुनाव लड़ेंगे।
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