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आंखों देखी: एम्स में सुषमा स्वराज के आखिरी लम्हे कुछ ऐसे बीते, बेहोशी में शॉक और वेंटीलेटर
Wed, 07 Aug 2019 05:55 PM IST
विजय जैन
अमर उजाला, नई दिल्ली
अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: विजय जैन
Updated Wed, 07 Aug 2019 05:55 PM IST
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सुषमा स्वराज का निधन
- फोटो : अमर उजाला
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मात्र 25 साल की उम्र में हरियाणा की मंत्री से लेकर देश की विदेश बन चुकीं सुषमा स्वराज (Sushma Swaraj) के आखिरी लम्हे एम्स अस्पताल में बीते। एम्स के नौ डाक्टरों की टीम ने सुषमा स्वराज (Sushma Swaraj) की जान बचाने की हर संभव कोशिश की। सीने में दर्द की शिकायत के चलते बेसुध हालत में एम्स लाई गईं सुषमा स्वराज (Sushma Swaraj) 70 मिनट तक एम्स में जिंदगी और मौत की जंग लड़ती रहीं। डॉक्टरों की टीम के काफी प्रयासों के बाद भी जब उनकी जान नहीं बचाई जा सकी तो दो जूनियर डॉक्टर की आंखों में आंसू आ गए।
सुषमा स्वराज का निधन
- फोटो : अमर उजाला
वे खुद को कंट्रोल कर पाते मगर भावनाओं के आगे वे हार गए और बाहर निकलकर फूट फूटकर रोने लगे। दरअसल, सत्तर मिनट तक सीपीआर और हार्ट को पंप करने के अलावा शॉक भी देने के बाद सुषमा स्वराज (Sushma Swaraj) की धड़कनें वापस नहीं लौटी तो उन्हें तत्काल जीवन रक्षक उपकरण (वेंटीलेटर) का सपोर्ट दिया। इसके बावजूद सुषमा के शरीर ने साथ छोड़ना शुरू कर दिया था। डॉक्टरों के आगे भी उस वक्त कुछ और करने को बचा नहीं।
एम्स के बाहर मौजूद लोग
- फोटो : अमर उजाला
अमर उजाला को सुषमा के उन अंतिम सत्तर मिनट का पूरा ब्यौरा दिया। डॉक्टरों की मानें तो सुषमा को रात नौ बजकर पैतीस मिनट पर एम्स लाया गया था लेकिन उससे पहले ही अलर्ट होने से बारह डॉक्टरों की टीम मौजूद थी। सीने में दर्द जरूर था लेकिन वे बेसुध थीं। आनन फानन में उन्हें एंबुलेंस से सीधे इमरजेंसी ले जाया गया।
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एम्स के बाहर मौजूद लोग
- फोटो : अमर उजाला
इमरजेंसी में दो डॉक्टर सीपीआर के साथ मौजूद थे। डॉक्टर चंद सेंकड में ही समझ गए कि सुषमा को कार्डिएक अरेस्ट हुआ है। करीब दस से पंद्रह मिनट तक सीपीआर से काम नहीं चला तो तुंरत उन्हें शॉक दिया। तीन बार शॉक के बाद भी सुषमा के शरीर ने कुछ रेस्पांड नहीं किया तो डॉक्टरों ने तीसरे विकल्प यानि हार्ट को पंप करने का फैसला लिया।
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सुषमा स्वराज को श्रद्धांजलि देते हुए
- फोटो : एएनआई
ह्दयरोग विभाग के डॉ वीके बहल और उनकी पूरी टीम पंप देने में जुट गई। जबकि दूसरी ओर डॉ प्रवीण अग्रवाल की टीम ने वेंटीलेटर को तैयार किया। पंप से भी काम नहीं चला तो सुषमा स्वराज (Sushma Swaraj) को वेंटीलेटर दिया। मगर इस तब तक काफी देर हो चुकी थी और सुषमा की धड़कनों ने पूरी तरह से साथ छोड़ दिया था। दस बजकर 50 मिनट पर सुषमा स्वराज (Sushma Swaraj) ने अंतिम सांस ली।