बारिश में बहुत सारे संक्रमण हमले की फिराक में रहते हैं। यही वजह है कि इसे सर्दी और जुकाम का मौसम भी कहा जाता है। ऐसे में इलाज से बेहतर बचाव होता है। कई ऐसी बीमारियां हैं जिनसे बचने की जरूरत है। वायरल बुखार वैसे तो किसी भी समय हो सकता है। लेकिन मानसून के समय इसका आंकड़ा बढ़ जाता है। हालांकि इन बीमारियों से बचा जा सकता है। आगे जानिए इनसे बचने के क्या हैं उपाय, बताती हैं डॉ. कंचन नायकवाड़ी, प्रिवेंटिव हेल्थकेयर स्पेशलिस्ट ...
दिल्ली-एनसीआर में तेजी से बढ़ रहा जानलेवा बीमारियों का संक्रमण, जरूर बरतें ये सावधानियां
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डॉ. कंचन नायकवाड़ी, प्रिवेंटिव हेल्थकेयर स्पेशलिस्ट बताती हैं कि, बुखार के साथ सर्दी और खांसी इसके आम लक्षण हैं। ये 3 से 7 दिनों तक रह सकता है। अनुमान लगाने की बजाए तुरंत डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए। घर में सफाई से बना भोजन और साफ पानी पीना जरूरी है। मलेरिया और डेंगू भी इस मौसम में खूब परेशान करते हैं। बारिश से यहां वहां पानी भरा रहता है। यहां मच्छरों को प्रजनन प्रक्रिया के लिए जगह मिल जाती है।
इन रोगों को फैलने से रोकने के लिए पानी जमा होने वाली जगह साफ होनी चाहिए। इसके अलावा कीटों को भगाने वाले पौधों जैसे कि सिट्रोनेला, लेमन ग्रास, तुलसी, सब्जा आदि का उपयोग करें। ये पौधे कार्य स्थल और घर में मच्छरों का प्रवेश रोकने में मददगार होते हैं। शरीर को पूरी तरह से ढंकने वाले कपड़े पहनना भी कारगर होगा। इंसेक्ट रिपेलेंट्स और मच्छर दानी के उपयोग से भी लाभ मिलता है।
हेपेटाइटिस ए / ई, डायरिया, हैजा जैसी बीमारियां भी दूषित खाद्य पदार्थों और पानी के सेवन से होता है। ये रोग आमतौर पर लिवर को प्रभावित करते हैं। यही वजह है कि उल्टी, दस्त और पेट दर्द की शिकायत होती है। समय पर इलाज नहीं कराया जाए, तो बुखार भी आ सकता है। वहीं, बीमारियों के साथ सड़क सुरक्षा भी जरूरी पहलू है। मानसून में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या भी बढ़ जाती है। ऐसे में वाहन चलाते समय अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए। तेज गाड़ी चलाने से बचें। साथ ही अचानक से तेजी में ब्रेक नहीं लगाएं। आगे चल रहे वाहनों से उचित दूरी बनाए रखें। हेडलाइट चालू करें।
इन बातों का ख्याल रखें
खाने और पानी में स्वच्छता का ख्याल रखें। अधिकांश बीमारियां दूषित पानी से होती हैं।बीमार व्यक्ति के संपर्क से भी बीमारियों का खतरा बढ़ता है। सार्वजनिक स्थानों पर कम निकलें या मास्क लगाएं।
बाजार में कटे फल, फ्रूट चाट आदि का सेवन न करें।
बुखार या किसी अन्य शारीरिक परेशानी में अपने मन से कोई दवा न लें। चिकित्सीय परामर्श जरूर लें।