यमुना का पानी बढ़कर दिल्ली-नोएडा लिंक रोड तक पहुंच गया है। शनिवार को यमुना का जलस्तर करीब 206 मीटर के आस-पास रहा, जिसके कारण यमुना के तराई क्षेत्र पानी से लबालब हो गए हैं। इन क्षेत्रों में रहकर खेती इत्यादि करने वाले लोगों को प्रशासन ने सुरक्षित निकाल लिया है और हाथी पुस्ता, नर्सरी पुस्ता, अक्षरधाम पुस्ता, रेनीवेल पुस्ता, यमुना बैंक पुस्ता और डीएनडी पुस्ते पर इनके रहने-खाने का इंतजाम किया गया है।
बाढ़ से जनजीवन अस्तव्यस्त: 206 मीटर तक पहुंचा यमुना का जलस्तर, हजारों लोगों को निकाला गया सुरक्षित
प्रशासन ने इन जगहों पर लोगों के रहने के लिए पर्याप्त कैंप लगाए हैं। बाढ़ पर निगरानी रखने और लोगों के लिए रहने खाने की व्यवस्था का जायजा लेने के लिए प्रीत विहार, मयूर विहार और गांधी नगर के एसडीएम व तहसीलदार लगातार बाढ़ क्षेत्र में हैं। इसके अलावा पूर्वी दिल्ली जिले के डीएम अनिल बांकी लगातार यमुना के बढ़ते जलस्तर और बाढ़ से प्रभावित लोगों को दी जा रही सुविधाओं पर निगरानी रख रहे हैं। मयूर विहार फेज-1 मेट्रो स्टेशन के सामने दिल्ली-नोएडा लिंक रोड फ्लाईओवर के नीचे और रोड के दोनों किनारों पर नदी के बाढ़ क्षेत्र से आए लोगों ने शरण ली है। यहां पर स्थानीय प्रशासन ने 65 टेंट लगाए गए हैं, जरूरत पड़ने पर और टेंट बढ़ाए जाएंगे। यहां लोगों के लिए सुबह का नाश्ता और दो बार खाने का इंतजाम प्रशासन ने किया है।
अब पानी बढ़ने के बजाय घटेगा
शनिवार को दोपहर मयूर विहार के एसडीएम राजीव त्यागी और तहसीलदार विनोद कुमार सिंह मौके पर लोगों के लिए इतजाम कराते नजर आए। एसडीएम ने कहा कि बेहद कम समय के भीतर एक साथ हजारों लोगों के लिए खाने-पीने व रहने का इंतजाम किया गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अब यमुना का पानी बढ़ने के बजाय घटने लगेगा, हथिनी कुंड से और पानी छोड़े जाने की कोई सूचना नहीं है। ऐसे में दो-तीन दिन में पानी कम हो जाएगा। यमुना बैंक नर्सरी के पास भी दस टेंट लगाए गए हैं। इसी तरह बाकी पुस्ते पर भी टेंट लगाकर लोगों के रहने का इंतजाम किया गया है।
डीएम व एडीएम भी बाढ़ क्षेत्र के दौरे पर
शनिवार को पूर्वी दिल्ली जिले के प्रशासनिक अधिकारी दिनभर बाढ़ क्षेत्र में ही डटे रहे। गीता कॉलोनी स्थित पूर्वी दिल्ली डीएम कार्यालय ने जानकारी दी कि डीएम अनिल बांका सुबह से बाढ़ क्षेत्र का दौरा कर रहे हैं। दोपहर में वह अक्षरधाम पुस्ते पर पहुंचे। यहां उन्होंने लगाए गए टेंट और खाने-पीने के इंतजाम का जायजा लिया। डीएम की अनुपस्थिति में एडीएम पुनीत पटेल ने सुबह जनसुनवाई की। दोपहर से वह भी बाढ़ क्षेत्र में ही तैनात रहे।
यमुना किनारे सिविल डिफेंस कर्मी तैनात
यमुना के किनारे जाने पर प्रशासन ने पाबंदी लगाई है। इसके लिए सिविल डिफेंस कर्मियों को तैनात किया गया है। यमुना के किनारे टेंट बनाकर सिविल डिफेंस कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। यमुना के घाटों पर प्रशासिक अधिकारियों का दौरा लगातार जारी है।