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complete timeline of events at Jantar Mantar protest amidst tear gas and lathi-charges from day one to present
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CJP का ये प्रदर्शन अलग क्यों?: आंसू गैस-लाठियों के बीच गूंजे मीम्स; 35वें दिन भी जिद जारी; अब तक की पूरी कहानी
नोएडा डेस्क, अमर उजाला
Published by: Rahul Kumar Tiwari
Updated Fri, 24 Jul 2026 05:07 PM IST
सार
इंस्टाग्राम के एक मीम्स पेज से शुरू हुआ सीजेपी आंदोलन कुछ ही हफ्तों में देशव्यापी चर्चा का विषय बन गया। जंतर-मंतर के धरने, सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल, संसद मार्च, पुलिस कार्रवाई और सरकार से बातचीत तक आखिर इस आंदोलन में क्या-क्या हुआ, जानिए पूरी टाइमलाइन।
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सीजेपी प्रदर्शन
- फोटो : ANI/ सोशल मीडिया
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मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की एक सुनवाई के दौरान बेरोजगार युवाओं को लेकर की गई टिप्पणी से शुरू हुई बहस ने देखते ही देखते सोशल मीडिया पर एक बड़े आंदोलन का रूप ले लिया। इंस्टाग्राम पर शुरू हुआ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का मीम्स पेज कुछ ही समय में करोड़ों फॉलोअर्स तक पहुंच गया। शुरुआत में यह पेज नीट पेपर लीक समेत शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर मीम्स और पोस्ट साझा करता रहा, लेकिन धीरे-धीरे यह ऑनलाइन अभियान सड़क पर उतर गया। प्रदर्शन के 35वें दिन भी सीजेपी के प्रदर्शनकारी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की इस्तीफे को लेकर जिद पर अड़े हैं।
पहली बार छह जून को हुआ प्रदर्शन
सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने नीट पेपर लीक मामले में व्यापक सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर पहली बार 6 जून को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन देर से शुरू हुआ और निर्धारित समय के भीतर शांतिपूर्वक समाप्त हो गया।
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प्रदर्शन स्थल पर मौजूद अभिजीत दीपके और समर्थक
- फोटो : अमर उजाला
20 जून को शुरू हुआ अनिश्चितकालीन धरना
20 जून को दिल्ली पुलिस से अनुमति मिलने के बाद अभिजीत दीपके अपने समर्थकों के साथ जंतर मंतर पहुंचे। प्रदर्शन की शुरुआत शांतिपूर्ण तरीके से हुई, जहां बड़ी संख्या में युवा, छात्र और अभिभावक मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में पोस्टर और थाली चम्मच लेकर शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की मांग उठाई। शाम होते ही पुलिस की ओर से निर्धारित प्रदर्शन अवधि समाप्त होने की जानकारी दी गई, लेकिन दीपके और उनके समर्थकों ने धरना खत्म करने से इनकार कर दिया। दीपके ने मंच से घोषणा की कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक आंदोलन जारी रहेगा।
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संसद मार्च के दौरान की तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
संसद मार्च के दौरान बढ़ा तनाव
20 जुलाई को संसद मार्च के आह्वान के दौरान आंदोलन ने सबसे उग्र रूप देखा। बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी संसद की ओर बढ़ने लगे और कई जगह पुलिस बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश की गई। स्थिति बिगड़ने पर दिल्ली पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। इस दौरान कई स्थानों पर झड़पें हुईं, जिनमें प्रदर्शनकारियों के साथ-साथ पुलिसकर्मी भी घायल हुए।
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आंसू गैस-लाठियों के बीच गूंजे मीम्स
- फोटो : सोशल मीडिया
लाठीचार्ज के बीच मीम्स और क्रिएटिव विरोध ने लोगों का ध्यान खींचा
सीजेपी का यह आंदोलन सिर्फ सड़कों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सोशल मीडिया पर भी एक अलग पहचान बनाने में सफल रहा। इसे बड़े पैमाने पर जेन-जी की अभिव्यक्ति के रूप में देखा जा रहा है। आंदोलन से जुड़े मीम्स, रील्स, पोस्ट, हैशटैग और छोटे-छोटे वीडियो लाखों लोगों तक पहुंचे और देखते ही देखते इंटरनेट पर ट्रेंड करने लगे। प्रदर्शन के दौरान पारंपरिक नारों की जगह व्यंग्य, हास्य और पॉप कल्चर से जुड़े संदर्भों का व्यापक इस्तेमाल देखने को मिला। प्रदर्शनकारियों के अनोखे बैनर, हाथ से बनाई गई कलाकृतियां, क्रिएटिव पोस्टर, मीम-स्टाइल स्लोगन और जेन-जी की खास वेशभूषा ने इस आंदोलन को बाकी प्रदर्शनों से अलग पहचान दी। यही वजह रही कि जंतर-मंतर की तस्वीरों से लेकर संसद मार्च तक के दृश्य सोशल मीडिया पर लगातार वायरल होते रहे और यह आंदोलन इंटरनेट पर सबसे अधिक चर्चा में रहने वाले अभियानों में शामिल हो गया।
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सोनम वांगचुक
- फोटो : ANI
सोनम वांगचुक के अनशन से मिली प्रदर्शन को धार
आंदोलन को नया मोड़ 28 जून को मिला, जब सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक सीजेपी के समर्थन में जंतर-मंतर पहुंचे और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए। उनकी भूख हड़ताल 26 दिनों तक चली और 24 जुलाई को केंद्र सरकार के आश्वासन के बाद उन्होंने इसे समाप्त किया।
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