दुनिया के दिग्गज अरबपतियों में इस बार अंतरिक्ष में कारोबार करने की होड़ लगी हुई है। वैसे तो यह होड़ काफी पहले से चली आ रही है, मगर अब यह निर्णायक दौर में पहुंच गई है। ये दिग्गज अरबपति कारोबारी इस महीने अंतरिक्ष में अलग-अलग दिन अपने स्वयं के रॉकेट की सवारी करने जा रहे हैं। इसके लिए अपना जीवन सहित सब कुछ दांव में लगा रहे हैं। खुद के यात्रा करने का यह दांव भविष्य में ग्राहकों के लिए एक आकर्षक और रोमांचकारी अनुभव वाली यात्रा के लिए आत्मविश्वास बढ़ाने में मददगार साबित हो सकता है।
ह्यूमन स्पेस फ्लाइट : दिग्गज अरबपति उद्यमियों में लग रही होड़, कौन अंतरिक्ष में आगे तक जाएगा?
दुनिया के दिग्गज अरबपतियों में इस बार अंतरिक्ष में कारोबार करने की होड़ लगी हुई है। वैसे तो यह होड़ काफी पहले से चली आ रही है, मगर अब यह निर्णायक दौर में पहुंच गई है। ये दिग्गज अरबपति कारोबारी इस महीने अंतरिक्ष में अलग-अलग दिन अपने स्वयं के रॉकेट की सवारी करने जा रहे हैं।
ब्रैनसन 11 जुलाई तो बेजोस 20 जुलाई को उड़ान भरेंगे
रिचर्ड ब्रैनसन रविवार, 11 जुलाई, 2021 को न्यू मैक्सिको से अंतरिक्ष की उड़ान भरने वाले हैं। ब्रैनसन को एक डबल-फ्यूजल एयरक्राफ्ट में दो पायलटों और तीन अन्य कर्मचारियों के साथ एक रॉकेट द्वारा लॉन्च किया जाएगा। जबकि बेजोस नौ दिन बाद यानी 02 जुलाई को वेस्ट टेक्सास पूरी तरह से स्वचालित कैप्सूल में साथी यात्री भाई मार्क बेजोस, 82 वर्षीय महिला एविएटर वैली फंक और एक अन्य यात्री के साथ उड़ान भरेंगे।
100 किलोमीटर ऊपर अंतरिक्ष शुरू
सामान्य तौर पर समुद्री सतह से 100 किलोमीटर की ऊंचाई को अंतरिक्ष माना जाता है। इस दायरे को पार करने वाले लोगों को एस्ट्रोनॉट यानी अंतरिक्ष यात्री माना जाता है। अब देखना यह होगा कि ब्रैनसन और बेजोस अतंरिक्ष में कहा तक जा पाते हैं। कंपनी को मानव यात्रा के लिए 25 जून को ही लाइसेंस मिला है और कंपनी 2022 से वाणिज्यिक पर्यटक उड़ानें शुरू करने वाली है।
ब्रैनसन की लंबी तो बेजोस की ऊंची उड़ान
- दोनों दिग्गज उद्यमियों की अंतरिक्ष यात्रा काफी रोमांचक रहने वाली है।
- जहां ब्रैनसन की उड़ान लंबी होगी तो वहीं, बेजोस की उड़ान ऊंची होगी।
- ब्रैनसन के स्पेसशिप में अधिक खिड़कियां हैं, लेकिन बेजोस के स्पेस कैप्सूल की खिड़कियां बड़ी हैं।
- ब्रैनसन का पायलट वाला विमान पहले ही तीन बार अंतरिक्ष परीक्षण यात्रा के लिए जा चुका है।
- जबकि बेजोस का स्पेस कैप्सूल इससे पांच गुना अधिक परीक्षण उड़ानें पूरी कर चुका हैं।
- हालांकि, दोनों के ही एयरक्राफ्ट ऑनबोर्ड लोगों के साथ कभी नहीं गए हैं।
बचपन का सपना था, 71 की उम्र में पूरा होने जा रहा
रिचर्ड ब्रैनसन अगले सप्ताह 71 वर्ष के हो जाएंगे। अपनी अंतरिक्ष यात्रा की उत्सुकता को लेकर पिछले हफ्ते उन्होंने एक ब्लॉग लिखा था। इसमें ब्रैनसन ने लिखा, एक बच्चे के रूप में, मैं अंतरिक्ष में जाना चाहता था। जब मेरी पीढ़ी के लिए यह संभव नहीं लग रहा था, तो मैंने एक कंपनी बनाने की धारणा के साथ वर्जिन गेलेक्टिक की शुरुआत की। कंपनी की स्थापना के 17 साल और मेरी उम्र के 70 साल पूरे होने पर यह सपना साकार होने जा रहा है। इस यात्रा एक यात्री भारतीय मूल की महिला सिरिशा बांडला भी रहेंगी। वे कल्पना चावला के बाद भारत में जन्मीं दूसरी महिला अतंरिक्ष यात्री बनने जा रही हैं।
बेजोस बोले, मैं अपने भाई के साथ जाऊंगा
यह आश्चर्यजनक है कि इस यात्रा को लेकर ब्रैनसन की भांति ही बेजोस भी बचपन से ही अंतरिक्ष को करीब से देखना चाहते थे। अमेजॉन के सीईओ का पद छोड़ने वाले 57 वर्षीय बेजोस ने जून की शुरुआत में ही बता दिया था कि वह नील आर्मस्ट्रांग और बज एल्ड्रिन के चंद्रमा की धरती पर कदम रखने की 52वीं वर्षगांठ पर अपने रॉकेट से अंतरिक्ष की उड़ान भरने वाले पहले यात्री बनेंगे। बेजोस ने इंस्टाग्राम पर कहा, 20 जुलाई को, मैं अपने भाई मार्क बेजोस के साथ वह यात्रा करूंगा, जो बचपन से मुझे आकर्षित कर रही है। मेरे सबसे अच्छे दोस्त के साथ सबसे बड़ा रोमांच।