दुनिया में हर कोई खुश रहना चाहता है। खुशी एक ऐसी चीज है जो आपके भीतर की सारी नकारात्मकताओं को दूर कर देती है। सबसे अच्छी बात यह है कि अब आप खुश रहने की भी पढ़ाई कर सकेंगे। भारत की एक यूनिवर्सिटी अपने यहां खुश रहने का कोर्स कराने जा रही है। आइए जानते हैं कहां होगी खुश रहने की पढ़ाई...
लखनऊ यूनिवर्सिटी कराएगी खुश रहने की पढ़ाई, जानिए कब से होगा दाखिला?
लखनऊ यूनिवर्सिटी 'खुशी के लिए शिक्षा' कोर्स शुरू करने जा रही है। ये कोर्स एमएड पाठ्यक्रम में शामिल होगा। कोर्स को अगले शैक्षणिक सत्र से शुरू किया जाएगा। इस कोर्स में विद्यार्थियों को खुशी का सिद्धांत बताया जाएगा। यूनिवर्सिटी के शिक्षा विभाग के प्रोफेसर अमिता वाजपेयी का कहना है कि इस कोर्स में छात्रों को भारतीय परिप्रेक्ष्य में खुशी की असली अवधारणा से परिचित कराया जाएगा।
ये कोर्स एमएड में ऐच्छिक होगा। यानी की एमएड करने के दौरान आप इस कोर्स को अपने सब्जेक्ट के तौर पर पढ़ सकेंगे। उनका कहना है कि यह अंतर-अनुशासनात्मक होगा, इसलिए सभी छात्र इसके लिए विकल्प चुन सकते हैं।
इस कोर्स को अकादमिक परिषद की मंजूरी मिलने के बाद अगले साल से शुरू किया जाएगा। अमिता वाजपेयी का कहना है कि बच्चे गलत जगह खुशी तलाशते हैं और उनका खुशी का पूरा सिद्धांत ही झूठा है। खुशी भीतरी चीज है जबकि लोग उसे भौतिकवादी संसार में खोजते हैं। ऐसे में हम विद्यार्थियों को भारतीय सिद्धांत में खुशी क्या है इस चीज को पढ़ाना चाहते हैं। उनका कहना है कि यह कोर्स अभी शुरू नहीं हुआ है लेकिन अभी से बच्चों में इसे लेकर उत्सुकता बनी हुई है।
अमिता वाजपेयी का कहना है कि जब विद्यार्थी इस कोर्स को करेंगे तो जरूरी तौर पर समाज में भी बदलाव देखने को मिलेगा। आपको बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पत्नी मेलानिया ट्रंप ने अपने भारत दौरे के दौरान दिल्ली सरकार के एक स्कूल का दौरा कर हैप्पीनेस क्लास के बारे में जानकारी ली थी।
