सुपर वंडर गर्ल कही जाने वाली अनन्या वर्मा की उम्र साढ़े चार साल है। लेकिन उसका दिमाग इतना तेज है कि स्कूल ने उसे सीधे नौंवी क्लास में डाल दिया है। स्कूल के मैनेजर विनोद रात्रा बताते हैं कि अनन्या पर हम खास ध्यान देते हैं। उसे मैथ्स पढ़ाने के लिए दो-तीन टीचर्स लगाए गए हैं। इतना ही नहीं अनन्या को पूरी रामायण मुंह जुबानी याद है। छोटी उम्र में इतना तेज दिमाग होना किसी चमत्कार से कम नहीं लगता।
इतना तेज दिमाग कि चार साल की अनन्या का सीधे नौंवी क्लास में एडमिशन
अनन्या के पिता बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर यूनिवर्सिटी में सुपरवाइजर हैं। इस अद्भुत प्रतिभा के चलते उनके घर पर अनन्या से मिलने वाले लोगों का तांता लगा रहता है। अनन्या ही नहीं उनके भाई-बहन भी हुनर का परचम लहरा चुके हैं। अनन्या की बहन सुषमा वर्मा का नाम लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज है। उन्होंने सात साल की उम्र में मैट्रिक पास कर लिया था। अनन्या के भाई शैलेंद्र देश के सबसे छोटे ग्रेजुएट हैं। शैलेन्द्र ने यह कारनामा 2007 में कर दिखाया था।
इतना तेज दिमाग कि चार साल की अनन्या का सीधे नौंवी क्लास में एडमिशन
तेज बहादुर वर्मा बताते हैं कि उनके तीनों बच्चों का दिमाग बहुत तेज है। जबकि वो और उनकी पत्नी पढ़े-लिखे नहीं हैं। उनके बच्चों की वजह से ही उन्हें यूनिवर्सिटी में सुपरवाइजर के पद पर रखा गया है। वे बताते हैं कि अनन्या शुरू से ही पढ़ाई में रुझान दिखाने लगी थी। घर पर रामायण रखी हुई थी, इसलिए जब उसका पाठ होता तो अनन्या भी पढ़ने की कोशिश करती।
इतना तेज दिमाग कि चार साल की अनन्या का सीधे नौंवी क्लास में एडमिशन
इसी सिलसिले में उसे रामायण के काफी अंश मुंहजबानी याद हो गए। इतना ही नहीं उसकी आवाज इतनी साफ है कि जब मोहल्ले में रामायण पाठ होता है तो अनन्या को बुलाया जाता है। अनन्या को पढ़ाई के अलावा कार्टून देखने का शौक है। घर पर मौका मिलते ही कार्टून देखने बैठ जाती है। जब मां के पसंदीदा धारावाहिक चलते हैं तो उसके लिए लैपटॉप पर कार्टून या फिर एनिमेशन मूवी लगा दी जाती है।
इतना तेज दिमाग कि चार साल की अनन्या का सीधे नौंवी क्लास में एडमिशन
मां ने बताया कि अनन्या को टॉम एंड जेरी बहुत पसंद है। हालांकि, मोटू-पतलू, पोकेमॉन, निंजा हट्टोरी भी वह देखती है। हिन्दी, अंग्रेजी और संस्कृत के कठिन से कठिन शब्द अनन्या की जुबान पर आते ही आसान बन जाते हैं। अनन्या का तलफ्फुज इतना साफ है कि वह एक झटके में कठिन से कठिन शब्दों का उच्चारण कर लेती है। माता-पिता उसे इंग्लिश स्पीकिंग की भी प्रैक्टिस करवा रहे है। मां उसे उर्दू सिखाने की भी ख्वाहिश रखती हैं।