सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Education ›   Success Stories ›   Anmish Verma: A true conqueror of difficult terrain, overcoming every obstacle to reach new heights

अनमिश वर्मा: मुश्किल राहों के सच्चे विजेता, हर बाधा को पार कर नई ऊंचाइयों को छुआ

अमर उजाला नेटवर्क Published by: Pavan Updated Mon, 30 Mar 2026 08:00 AM IST
विज्ञापन
सार

अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोही और विश्व मार्शल आर्ट चैंपियन अनमिश वर्मा ने माउंट एवरेस्ट सहित कई प्रमुख चोटियों को फतह किया है। साथ ही, पवन कल्याण की फिल्म ‘थम्मुडु’ से प्रेरित होकर वह किकबॉक्सिंग और ताइक्वांडो के क्षेत्र में भी परचम लहरा रहे हैं।

Anmish Verma: A true conqueror of difficult terrain, overcoming every obstacle to reach new heights
अनमिश वर्मा: मुश्किल राहों के सच्चे विजेता - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विज्ञापन

विस्तार

कुछ लोग जिंदगी को आसान रास्तों से जीते हैं, लेकिन अनमिश वर्मा ने चुनौतियों को ही अपना रास्ता बनाया। बर्फीली चोटियों पर चढ़ाई करना, जहां हवा रहस्यमयी फुसफुसाहट करती है और रिंग में तेजी से विरोधियों को हराना, यही उनकी पहचान है। वह एक अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोही और विश्व मार्शल आर्ट्स चैंपियन हैं। अनमिश वर्मा ने मात्र 92 दिनों में सात ज्वालामुखीय चोटियों पर सफल चढ़ाई कर मार्च 2026 में गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराया। रूस से अंटार्कटिका तक फैली उनकी यह यात्रा न केवल भारत की युवा शक्ति को वैश्विक पहचान दिलाती है, बल्कि नई पीढ़ी को बड़े सपने देखने की प्रेरणा भी देती है। उन्होंने माउंट एवरेस्ट सहित कई प्रमुख चोटियों को फतह किया है और अंतरराष्ट्रीय मार्शल आर्ट्स में स्वर्ण पदक भी जीता है। उनकी यह सफलता आने वाले पर्वतारोहियों को प्रेरित करने के साथ-साथ भारत में साहसिक खेलों को भी बढ़ावा देती है।
Trending Videos


मार्शल आर्ट के प्रेमी
अनमिश वर्मा विशाखाट्टनम के एक ऐसे परिवार से आते हैं, जहां के लोगों को मार्शल आर्ट्स के प्रति गहरा लगाव था। उनके पिता और चाचा इस कला में निपुण थे, जिससे बचपन से ही अनमिश की रुचि इसमें बढ़ी। फिल्मों के एक्शन सीन, खासकर पवन कल्याण की फिल्म ‘थम्मुडु’ ने उन्हें और प्रेरित किया। स्कूल में कोच जी कनक राव से मिलने के बाद उनकी प्रतिभा को सही दिशा मिली। उनके मार्गदर्शन में अनमिश ने कई प्रतियोगिताएं जीतते हुए सीधे राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच गए। उन्होंने किकबॉक्सिंग और ताइक्वांडो में भी महारत हासिल की। सभी सफलताओं के पीछे उनके परिवार व दोस्तों का मजबूत साथ रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन




माउंट एल्ब्रस से शुरू हुआ सफर
अनमिश वर्मा ने अक्तूबर, 2024 को रूस के माउंट एल्ब्रस से अपने अभियान की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने लगभग तीन महीनों में कई महाद्वीपों की यात्रा की। अंततः 23 जनवरी, 2025 को अंटार्कटिका के माउंट सिडली पर सफल चढ़ाई के साथ उन्होंने अपने रिकॉर्ड बनाने वाले इस सफर को पूरा किया। सेवन वोल्केनिक समिट्स दुनिया के हर महाद्वीप के सबसे ऊंचे ज्वालामुखियों का समूह है, जिसे पर्वतारोहण की सबसे कठिन चुनौतियों में गिना जाता है। अलग-अलग ऊंचाई, बदलते मौसम और कठिन भूभाग के कारण यह अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण माना जाता है।

फिटनेस और तैयारी
अनमिश वर्मा के लिए कम समय में एक के बाद एक चढ़ाई पूरी करना बड़ी चुनौती था, जहां समय प्रबंधन सबसे अहम साबित हुआ। पूरे अभियान के दौरान उन्हें -30 डिग्री सेल्सियस तक की ठंड, तेज हवाओं, बर्फीले तूफानों और ऑक्सीजन की कमी जैसी कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा, खासकर अंटार्कटिका और दक्षिण अमेरिका में। माउंट सिडली इस मिशन का सबसे कठिन चरण रहा, जहां सीमित संसाधनों और अलग-थलग वातावरण में चढ़ाई करना बड़ी परीक्षा थी। वर्षों की मेहनत, कड़ी ट्रेनिंग, मजबूत फिटनेस और मानसिक दृढ़ता के दम पर अनमिश ने इस चुनौती को सफलतापूर्वक पूरा किया।



दो दुनियाओं का अद्भुत संगम
अनमिश वर्मा बताते हैं कि एवरेस्ट पर चढ़ाई करना केवल ऊंचाई जीतने का नहीं, बल्कि प्रकृति के साथ संतुलन बनाने का अनुभव है। जहां हर कदम सीमाओं को पार करने और हालात का सम्मान करने के बीच चलता है। इसमें अपने भीतर स्थिरता पाना, सांस पर ध्यान देना और अंतर्ज्ञान पर भरोसा करना जरूरी होता है। मार्शल आर्ट विद्या भी कुछ ऐसा ही सिखाती है कि हर चाल में एकाग्रता, सटीकता और नियंत्रण का संतुलन होता है। यह मन पर नियंत्रण और सही निर्णय लेने की कला है। अनमिश वर्मा के लिए ये दोनों दुनियाएं एक-दूसरे से जुड़ी हैं। पहाड़ों से मिली मानसिक मजबूती उन्हें मुकाबले में ताकत देती है, वहीं मार्शल आर्ट का अनुशासन उन्हें कठिन परिस्थितियों में स्थिर रखता है। उनके लिए हर शिखर सिर्फ जीत नहीं, बल्कि खुद को बेहतर बनाने और डर पर जीत हासिल करने का प्रतीक है।

युवाओं को सीख
  • चुनौतियां रास्ता नहीं रोकतीं, बल्कि आपको मजबूत बनाकर आगे बढ़ाती हैं।
  • जो अपने डर पर जीत हासिल कर लेता है, वही असली सफलता पाता है।
  • अनुशासन और मेहनत ही सपनों को हकीकत में बदलते हैं।
  • हर कठिनाई एक नई सीख और नए अवसर का द्वार होती है।
  • आत्मविश्वास और धैर्य ही हर जीत की असली ताकत हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Education News in Hindi related to careers and job vacancy news, exam results, exams notifications in Hindi etc. Stay updated with us for all breaking news from Education and more Hindi News.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed