मुशीर मोहम्मद खान जब 20 साल के थे तब उन्होंने एक एनजीओ खोलने के बारे में सोचा था। दोस्त और परिवार ने सपोर्ट किया तो हौसला और बढ़ गया। इसके लिए उनकी पॉकेट मनी बहुत काम आई। आज वो एक एनजीओ चला रहे हैं। साथ ही उन्होंने एक सरकारी स्कूल को भी गोद ले लिया है।
1000 बच्चों को गोद लेकर देश की शान बने मुशीर मोहम्मद खान
मुशीर ने बताया कि उन्होंने अपनी पॉकेट मनी से बस्तियों में जाकर कंबल और खाना बांटना शुरू किया। धीरे-धीरे मुशीर और उनके दोस्तों ने मिलकर फ्रीडम अगेन फाउंडेशन (FAF) नाम का एक एनजीओ शुरू किया।
1000 बच्चों को गोद लेकर देश की शान बने मुशीर मोहम्मद खान
दिसंबर 2015 में मुशीर और उनके 6 दोस्तों ने मिलकर कचिगुड़ा के एक सरकारी स्कूल को गोद ले लिया। इस स्कूल में करीब 1000 छात्र पढ़ते हैं। उन्होंने इसी स्कूल को क्यों गोद लिया? इस बारे में मुशीर ने कहा कि उन्होंने बहुत से स्कूल में जाकर ये प्रस्ताव रखा था।
1000 बच्चों को गोद लेकर देश की शान बने मुशीर मोहम्मद खान
किसी भी स्कूल से अच्छा रिस्पांस नहीं मिला। यहां तक कि कुछ स्कूल के टीचर्स तो हमारा प्रस्ताव सुनकर भड़क उठे। लेकिन जब वो कचिगुड़ा के गवर्नमेंट हाई स्कूल पहुंचे तो वहां के प्रिंसिपल बहुत खुश हुए। उन्होंने तुरंत हमारा प्रस्ताव स्वीकार कर लिया और कानूनी कार्यवाही शुरू कर दी।
1000 बच्चों को गोद लेकर देश की शान बने मुशीर मोहम्मद खान
प्रिंसिपल आर सुमन ने इस बारे में बताते हुए कहा कि मुशीर और उनकी टीम अपने लक्ष्य को लेकर आगे बढ़ रही है। उन्होंने देखा है कि जबसे मुशीर ने ये स्कूल गोद लिया है तबसे जो बच्चे स्कूल नहीं आते थे वो भी आने लगे हैं।