मिस्टर परफेक्शनिस्ट के नाम से मशहूर बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान के भतीजे इमरान खान ने फिल्म इंडस्ट्री में बहुत उम्मीदों के साथ एंट्री की थी। हालांकि जल्दी ही वो फिल्म इंडस्ट्री से दूर हो गए। स्क्रीन के साथ हाल ही में बातचीत में, आमिर ने बताया कि इमरान खान का बॉलीवुड में 'फिट' होना मुश्किल लगता है।
Aamir Khan: बॉलीवुड में इसलिए 'फिट' नहीं होते इमरान खान, भतीजे के बारे में आमिर खान ने कही बड़ी बात
Aamir Khan on Imran Khan: आमिर खान ने अपने भतीजे इमरान खान के बारे में बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने बताया है कि इमरान खान किस तरह के रोल के लिए फिट बैठते हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आमिर ने कहा बॉलीवुड में फिट नहीं इमरान
आमिर खान ने कहा 'इमरान खान में एक अलग काबिलियत है। उन्हें हमारे पास मौजूद ढांचे में फिट होना मुश्किल लगता है। यह उनकी जगह नहीं है। यही वजह है कि वह 'जाने तू...' और 'देली बेली' जैसी फिल्मों में अच्छा प्रदर्शन कर पाए। लेकिन जैसे ही आप उन्हें एक नियमित हिंदी फिल्म में काम करने के लिए कहते, वे फिट नहीं होते। वह हीरोगिरी के साथ सहज नहीं हैं। वह एक वास्तविक व्यक्ति की भूमिका निभाना चाहते हैं। हर कोई उन्हें मुख्यधारा की फिल्में ऑफर कर रहा था क्योंकि वह अच्छे दिखते हैं। लेकिन वह एक अभिनेता बनना चाहते हैं, स्टार नहीं।'
इमरान ने पहली ही फिल्म से छोड़ी छाप
इमरान ने अपने करियर की शुरुआत एक चाइल्ड एक्टर के रूप में की थी। उन्होंने 'कयामत से कयामत तक' और 'जो जीता वही सिकंदर' जैसी फिल्मों में अपने चाचा के साथ काम किया। 2008 में बतौर लीड एक्टर उनकी पहली फिल्म 'जाने तू... या जाने ना' थी। यह फिल्म एक युवा रोमांटिक कॉमेडी थी, जो दर्शकों को खूब पसंद आई थी। जेनेलिया डिसूजा के साथ बेहतरीन अदाकारी करने वाले इमरान को पहचान मिली। इस फिल्म में काम करने के लिए उन्हें फिल्मफेयर पुरस्कार मिला।
यह खबर भी पढ़ें: Aamir Khan: मणि रत्नम के साथ आमिर खान कर सकते हैं काम, पहले इस फिल्म पर नहीं बन पाई थी बात
इमरान ने डेब्यू के बाद दी अच्छी फिल्में
डेब्यू के बाद, इमरान कई रोमांटिक कॉमेडी और हल्की-फुल्की फिल्मों में दिखाई दिए, जिनमें 'आई हेट लव स्टोरीज' (2010), 'ब्रेक के बाद' (2010), और 'मेरे ब्रदर की दुल्हन' (2011) शामिल हैं। उन्होंने खुद को एक रोमांटिक एक्टर के तौर पर स्थापित किया। 2011 में, इमरान ने डार्क कॉमेडी 'देली बेली' में काम किया। यह फिल्म कारोबार के लिहाज से काफी कामयाब रही। इसके बाद उन्होंने 'एक मैं और एक तू' (2012) बनाई, जो एक रोमांटिक ड्रामा थी। फिल्म को दर्शकों से अच्छी प्रतिक्रिया मिली। हालांकि, 2012 के बाद, इमरान का करियर ढलान पर आ गया। 'मटरू की बिजली का मंडोला' (2013) और 'गोरी तेरे प्यार में' (2013) जैसी फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर खराब प्रदर्शन किया।
इमरान ने फिल्मों से बनाई दूरी
2010 के दशक के मध्य तक इमरान खान फिल्मों से दूर रहे। उन्हें कई फिल्में ऑफिर हुईं लेकिन उन्हें फिल्मों में किरदार अच्छा नहीं लगा। वह कभी-कभार साक्षात्कारों या सार्वजनिक कार्यक्रमों में दिखाई देते हैं। इमरान खान ने उस समय अपनी अच्छी छाप छोड़ी जब वह युवा रोमांटिक कॉमेडी करते थे।