भारतीय सिनेमा में कई बेहतरीन कलाकार पैदा हुए हैं। इनमें से कई कलाकारों ने अपनी अदाकारी से लोगों के दिलों पर अमिट छाप छोड़ी है। इस दौरान कई ऐसे कलाकार रहे, जिन्हें फिल्मों में बहुत आसानी से काम मिल गया। वहीं, कुछ ऐसे कलाकार भी रहे, जिन्हें सफलता बहुत आसानी से नहीं मिली। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत छोटी-मोटी भूमिकाओं से की। जूनियर आर्टिस्ट से लेकर चोर-गुंडे तक की भूमिका निभाई, लेकिन जब वक्त का पहिया घूमा तो उन्हें मुख्य भूमिकाएं भी मिली।
Bollywood Actors: छोटे किरदार से धमाल मचाकर छाए ये सितारे, आज मुख्य भूमिका से जीतते हैं दिल
इन अभिनेताओं ने अपने करियर की शुरुआत छोटी-मोटी भूमिकाओं से की। जूनियर आर्टिस्ट से लेकर चोर-गुंडे तक की भूमिका निभाई, लेकिन जब वक्त का पहिया घूमा तो उन्हें मुख्य भूमिकाएं भी मिली।
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शत्रुघ्न सिन्हा
शत्रुघ्न सिन्हा फिल्मी दुनिया में बिहारी बाबू, शॉटगन के नाम से भी मशहूर हैं। उन्होंने अपने करियर में कई सुपरहिट फिल्में दी हैं। अस्सी के दशक में मुख्य अभिनेता के रुप में उन्होंने कई फिल्में कीं। बतौर मुख्य नायक उनकी पहली फिल्म 'कालीचरण' थी। ये फिल्म साल 1976 में रिलीज हुई थी। सुभाष घई द्वारा निर्देशित इस फिल्म में बतौर मुख्य अभिनेता वह पहली बार नजर आए थे। इस फिल्म के साथ सुभाष घई ने एक निर्देशक के रुप में अपनी करियर की शुरुआत की थी। 'कालीचरण' के बाद शत्रुघ्न सिन्हा ने कई फिल्मों में मुख्य अभिनेता का किरदार निभाया। इनमें 'विश्वनाथ', 'अब क्या होगा', 'खान दोस्त', 'यारों का यार', 'दिल्लगी', 'जानी दुश्मन' आदि प्रमुख हैं। हालांकि, उनके लिए ये सब इतना आसान नहीं था। उन्होंने अपने अभिनय करियर की शुरुआत देव आनंद की फिल्म 'प्रेम पुजारी' से की थी। इसमें वह पाकिस्तानी सैन्य अधिकारी की छोटी भूमिका में नजर आए थे। इसके बाद उन्होंने फिल्म साजन में एक पुलिस इंस्पेक्टर की छोटी भूमिका निभाई थी। इन फिल्मों के अलावा उन्होंने 'प्यार ही प्यार', 'बनफूल', 'भाई हो तो ऐसा' आदि में खलनायक की भूमिका भी की ।
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नवाजुद्दीन सिद्दीकी
नवाजुद्दीन सिद्दीकी आज किसी परिचय का मोहताज नहीं हैं, लेकिन हमेशा से ऐसा नहीं था। उनका अभिनय करियर किसी प्रेरणात्मक कहानी से कम नहीं है। उन्होंने अपने अभिनय करियर की शुरुआत में पलक झपकते गायब हो जाने वाले किरदार भी किए। नवाज पहली बार साल 1999 में आई आमिर खान की फिल्म 'सरफरोश' में नजर आए थे। इस फिल्म में उनका किरदार काफी छोटा था, जो परदे पर कब आया और कब गया इसका पता भी नहीं चलता। इसके बाद वह 'शूल', 'जंगल' और 'मुन्ना भाई एमबीबीएस' में भी नजर आए।' मुन्नाभाई एमबीबीएस' में उन्होंने एक चोर का किरदार निभाया था, जो मुश्किल से एक या दो सीन में नजर आता है। इस बीच धीरे-धीरे अपनी भूमिकाओं से वह अपनी एक खास पहचान बनाने लगे थे। हालांकि, साल 2012 में आई अनुराग कश्यप की फिल्म 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' ने उन्हें एक स्थापित अभिनेता के रुप पहचान दिलाई। जिसके बाद उन्होंने 'सैक्रेड गेम्स', 'मोतीचूर चकनाचूर' और पिछले साल रिलीज हुई फिल्म 'टीकू वेड्स शेरु' में मुख्य अभिनेता का किरदार भी निभाया।
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मनोज बाजपेयी
मनोज बाजपेयी की गिनती देश के चुनिंदा बेहतरीन कलाकारों में होती है। उनकी अभिनय कौशल का कोई जवाब नहीं है। मनोज फिलहाल अपने करियर की 100वीं फिल्म को लेकर व्यस्त हैं। 'भैया जी' उनके करियर की 100वीं फिल्म है। उन्होंने अपने करियर में एक से बढ़कर एक फिल्में की हैं। उन्हें राम गोपाल वर्मा की फिल्म 'सत्या' के लिए सर्वश्रेष्ठ सह-अभिनेता का राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिल चुका है। हालांकि, मनोज ने भी अपने करियर के शुरुआती दिनों में छोटी भूमिकाएं की थीं। उन्होंने अपना करियर दूरदर्शन पर प्रसारित होने वाले धारावाहिक 'स्वाभिमान' से शुरु किया था। इसके बाद उन्होंने निर्देशक शेखर कपूर की फिल्म 'बैडिट क्वीन' से फिल्मी सफर की शुरुआत की। इस फिल्म में उन्होंने डाकू मान सिंह का किरदार निभाया। इसके बाद उन्होंने साल 1994 में आई फिल्म 'द्रोह काल' और 1996 में आई फिल्म 'दस्तक' में भी छोटे किरदार निभाए। उन्हें साल 1998 में आई फिल्म 'सत्या' से पहचान मिली। इस फिल्म में उनका किरदार भीखू म्हात्रे काफी मशहूर हुआ। राम गोपाल वर्मा निर्देशित इस फिल्म ने उनके लिए आगे के दरवाजे खोल दिए। इसके बाद उन्होंने 'शूल' आदि कई फिल्मों में मुख्य अभिनेता का किरदार निभाया। अपनी 100वीं फिल्म 'भैया जी' में भी वह प्रमुख किरदार में नजर आने वाले हैं।
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पंकज त्रिपाठी
पंकज त्रिपाठी मौजूदा दौर में हिंदी सिनेमा का एक बड़ा नाम हैं। हिंदी सिनेमा के कुछ गिने-चुने उम्दा अभिनेताओं में उनका नाम शुमार है। उन्हें साल 2017 में आई फिल्म 'न्यूटन', साल 2021 में आई फिल्म 'मीमी' के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भी दिया जा चुका है। वह अमेजन प्राइम के शो 'मिर्जापुर' में कालीन भैया का मुख्य किरदार भी निभाया है। इसके अलावा वह सतीश कौशिक की फिल्म 'कागज' में भी मुख्य किरदार में नजर आए हैं। उन्होंनें अपने अभिनय कौशल से काफी प्रसिद्धि हासिल की है। हालांकि, अपने करियर के शुरुआती दिनों में उन्होंने कई छोटी भूमिकाएं निभाईं। साल 2005 में आई 'बंटी और बबली' और 'अपहरण' में वह छोटी भूमिकाओं में नजर आए। इसके अलावा टीवी पर 'बाहुबली' और 'पाउडर' जैसे शो में भी दिखाई दिए। हालांकि, पंकज को पहचान 2012 में आई फिल्म 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' से पहचान मिली। इस फिल्म में वह सुल्तान के किरदार में नजर आए थे।
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