आजकल गानों के रीमेक होते हैं और फिर उनके रीमिक्स। जिस तरह फैशन में कुछ चीजें वापस आती हैं उसी तरह फिल्मों के भी रीमेक होते हैं और रीमेक के भी रीमेक होते हैं। फिल्म 'स्लीपिंग विद द एनिमी' की कहानी पर पहले आई माधुरी दीक्षित की फिल्म 1995 की 'याराना' और फिर आई जूही चावला की 1996 की फिल्म 'दरार'। 'याराना' और 'दरार', दोनों फिल्में फ्लॉप हुईं। आइए डालते हैं कुछ ऐसी ही फिल्मों पर एक नजर जो हॉलीवुड का रीमेक होते हुए भी फ्लॉप हो गई।
ऑड्री हेपबर्न और ग्रेगरी पेक की 1953 की 'रोमन हॉलीडे' और 1934 की 'इट हैपन्ड वन नाइट' की कहानी से मिलती जुलती कहानी है राज कपूर और नरगिस की फिल्म 'चोरी चोरी' की कहानी। इस कहानी को बड़े पर्दे पर दोहराया गया और फिल्म का नाम था 'दिल है कि मानता नहीं' जो आई 1991 में। इस फिल्म में नजर आए आमिर खान और पूजा भट्ट।
ऋषि कपूर की फिल्म 'कर्ज' में मुख्य किरदार अपने खून का बदला लेने के लिए दूसरा जन्म लेता है। इसकी कहानी एक अंग्रेजी फिल्म 'रीइन्कारनेशन ऑफ पीटर प्राउड' की कहानी से मिलती जुलती कहानी है। थोड़ा फर्क ये है कि इंग्लिश फ़िल्म में मुख्य किरदार का वही हश्र होता है जो पहले जनम में हुआ लेकिन ऋषि कपूर का किरदार अपना बदला ले लेता है। ऋषि कपूर की फिल्म 'कर्ज' तो हिट हुई पर 2008 की हिमेश रेशमिया और उर्मिला मातोंडकर की 'कर्ज' फ्लॉप हुई।
खजाने की खोज की कहानी है ग्रेगरी पेक की 'मैकेनाज गोल्ड' जो आई 1969 में। इस कहानी से प्रेरित बहुत सी फिल्में बनीं। भारत में इस पर पहले आई 1988 की धर्मेन्द्र और शत्रुघ्न सिन्हा की 'जलजला' फिर 1992 में जूही चावला और आमिर खान की फिल्म 'दौलत की जंग'। दोनों फिल्में फ्लॉप हुईं।
अमोल पालेकर की फिल्म 'छोटी सी बात' आधारित है 1960 की अंग्रेजी फिल्म 'स्कूल फॉर स्काउंड्रल्स' पर। फिल्म 'छोटी सी बात' और विल स्मिथ की 'द हिच' की कहानी भी कहीं ना कहीं एक जैसी है। गोविंदा और सलमान की 2007 की फिल्म 'पार्टनर' की कहानी इन्हीं दो फिल्मों की कहानी जैसी है।