हिंदी और तेलुगू सिनेमा में अपने अभिनय की छाप छोड़ने के बाद राजनीति में कदम रखने वाली अर्चना गौतम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। इसमें अर्चना रोती-बिलखती नजर आ रही हैं। वीडियो में वह तिरुपति बालाजी मंदिर के प्रशासन की शिकायत कर रही हैं और उन पर गंभीर आरोप लगा रही हैं। आखिर ऐसा क्या हुआ जो अर्चना को सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट करना पड़ा? आइए जानते हैं पूरा मामला...
Archana Gautam: तिरुपति बालाजी मंदिर में फफक-फफक कर रोईं अर्चना गौतम, प्रबंधन पर लगाए गंभीर आरोप
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इस साल उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के टिकट पर हस्तिनापुर विधानसभा सीट से चुनावी अखाड़े में उतरीं अर्चना गौतम हाल ही में आंध्र प्रदेश के तिरुपति बालाजी मंदिर में दर्शन करने पहुंचीं। एक्ट्रेस और पॉलिटिशियन अर्चना गौतम का यह आरोप है कि मंदिर प्रशासन ने उन्हें दर्शन कराने में सहयोग नहीं किया और वीआईपी दर्शन कराने के नाम पर उनसे पैसे वसूलने चाहे। उन्होंने आंध्र प्रदेश के तिरुपति बालाजी मंदिर प्रबंधन पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं।
अर्चना गौतम ने बाकायदा ट्विटर पर एक वीडियो साझा किया है। इसमें वह मंदिर प्रंबंधन की शिकायत करती नजर आ रही हैं। वीडियो में देखा जा सकता है कि उनके साथ काफी धक्का-मुक्की हो रही है। वीडियो में अर्चना रोती-बिलखती नजर आ रही हैं और मंदिर प्रबंधन से कहती नजर आ रही हैं, 'भगवान तुम्हें सजा देंगे।' अर्चना ने आरोप लगाए हैं कि जब वह दर्शन करने के लिए मंदिर पहुंचीं तो रसीद होने के बाद भी उन्हें टिकट नहीं दिया गया। साथ ही वीआईपी दर्शन के नाम पर उनसे 10 हजार रुपये मांगे गए। वीडियो के साथ अर्चना ने लिखा है, 'भारत के हिंदू धर्म स्थल लूट का अड्डा बन चुके हैं। धर्म के नाम पर तिरुपति बालाजी मैं महिलाओं के साथ अभद्रता करते, टीटीडी के कर्मचारी पर कार्यवाई होनी चाहिए। मैं आंध्र गवर्नमेंट से निवेदन करती हूं। ये वीआईपी दर्शन के नाम पर 10500 एक आदमी से लेते है। इसे लूटना बंद करो।'
भारत के हिंदू धर्म स्थल लूट का अड्डा बन चुके हैं धर्म के नाम पर तिरुपति बालाजी मैं महिलाओं के साथ अभद्रता करते,यह टीटीडी के कर्मचारी पर कार्यवाही होनी चाहिए । मैं आंध्र गवर्नमेंट से निवेदन करती हूं।ओर यह VIP दर्शन के नाम पर 10500 एक आदमी से लेते है । इसे लूटना बंद करो । @INCIndia pic.twitter.com/zABFlUi0yL
अर्चना ने वीडियो में मंदिर प्रबंधन पर आरोप लगाते हुए कहा है कि रसीद होने के बावजूद भी उन्हें मंदिर स्टाफ ने टिकट नहीं दिया। उनसे वीआईपी टिकट खरीदने के लिए कहा गया। मंदिर प्रबंधन के स्टाफ ने बदसलूकी की है। वीडियो में देखा जा सकता है कि जब वह वीडियो बना रही हैं तो कई लोग उन्हें रोकने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि अर्चना ने इसके बाद भी वीडियो बनाना जारी रखा। वह अपनी बात कहते-कहते रो रही हैं। आपको बता दें कि अर्चना गौतम ने अपने बॉलीवुड करियर की शुरुआत वर्ष 2015 में की थी। 'ग्रेट ग्रैंड मस्ती' उनकी पहली फिल्म थी। इसके अलावा वह, 'हसीना पारकर', 'बारात कंपनी', 'जंक्शन वाराणसी' में नजर आ चुकी हैं। उन्होंने तमिल-तेलुगू सिनेमा में भी काम किया है। अर्चना ने 2022 में यूपी के विधानसभा चुनाव में हस्तिनापुर विधानसभा सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा था। हालांकि उन्हें सिर्फ 1519 वोट मिले थे।
अर्चना गौतम के इन आरोपों पर मंदिर प्रबंधन ने भी ट्वीट कर सफाई पेश की है कि अर्चना गौतम, शिवकांत तिवारी सहित सात लोगों के साथ दर्शन के लिए 31 अगस्त को आईं थीं। वह अपने साथ केंद्रीय सहायक मंत्री का सिफारिशी पत्र लाई थीं। शिवकांत तिवारी के मोबाइल नंबर पर 300 रुपये का दर्शन टिकट स्वीकृत करने का संदेश भेजा गया, लेकिन उन्होंने इसे स्वीकार नहीं किया। मंदिर प्रबंधन के मुताबिक, टिकट खरीदने का समय खत्म हो गया था। यह बताने पर अर्चना गौतम इतनी नाराज हुईं कि कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार करने लगीं। कर्मचारी ने दूसरी बार 300 रुपये के टिकट जारी किए। लेकिन, उन्होंने टिकट लेने से इनकार कर दिया। प्रबंधन का कहना है कि थाने में हमारे कर्मचारियों के खिलाफ बदसलूकी की झूठी शिकायत की है। हमारे कर्मचारी ने उन्हें सिर्फ सलाह दी थी कि अगर वे 1 सितंबर को वीआईपी दर्शन करना चाहती हैं तो 10,500 रुपये का वीआईपी टिकट ले सकती हैं, लेकिन उन्होंने ये समझ लिया कि उनसे रिश्वत मांगी जा रही है। मंदिर प्रबंधन का कहना है कि शुक्रवार को अभिषेक होने के कारण अधिक समय लगता है। इसलिए प्रबंधन मंगलवार और शुक्रवार को 'ब्रेक दर्शन पत्र' स्वीकार नहीं करता है। अर्चना ने शुक्रवार सुबह के लिए आवेदन किया था, इसलिए दर्शन की इजाजत नहीं दी गई। उन्होंने टीटीडी कार्यालय पहुंचकर कर्मचारियों के साथ बदसलूकी की। हालांकि, उन्हें दर्शन करने दिए गए।