Saiyami Kher: गिनती के सिनेमाघरों में सिमटी सैयामी की घूमर, मुंबई में दिव्यांग खिलाड़ियों ने देखी जिद की कहानी
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सैयामी इस बार दिखीं 'घूमर' की एक ऐसी विशेष स्क्रीनिंग के दौरान जिसमें दिव्यांग क्रिकेटर्स को सिनेमा के जादू का अनुभव कराने की कोशिश की गई। फिल्म ‘घूमर’ में सैयामी खेर ने एक जिद्दी और हिम्मत ना हारने वाली युवती का किरदार निभाया है। इस फिल्म में बल्लेबाज के दाहिना हाथ गंवाने के बाद बाएं हाथ की गेंदबाज बनने की रोचक कहानी को दिखाया गया है। फिल्म 'घूमर' की इस विशेष स्क्रीनिंग के दौरान 12-25 वर्ष की उम्र के लगभग 50 दिव्यांग क्रिकेटर मौजूद रहे। ये वे खिलाड़ी हैं जो आधिकारिक तौर पर अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में भारत के लिए खेलते हैं।
बीसीसीआई की शाखा डीसीसीआई ने फिल्म ‘घूमर’ की खास स्क्रीनिंग का ये आयोजन किया। बता दें कि डीसीसीआई, बीसीसीआई की ही एक शाखा है जो दिव्यांग क्रिकेटर्स के लिए टूर्नामेंट का आयोजन करती है। डीसीसीआई को जैसे ही इस बात की खबर मिली कि फिल्म 'घूमर' एक ऐसी फिल्म है, जिसे देखना प्रेरणादायक अनुभव साबित हो सकता हैं, उन्होंने फिल्म के निर्माताओं और अभिनेत्री सैयामी खेर से संपर्क किया और फिल्म की खास स्क्रीनिंग की इच्छा जताई।
इस खास मौके के बारे में सैयामी खेर कहती हैं, मैं बहुत सम्मानित महसूस कर रही हूं कि डीसीसीआई और बीसीसीआई ने हमें उन लोगों को फिल्म दिखाने का मौका दिया जो मायने रखते हैं। फिल्म की स्क्रीनिंग के दौरान मैं खिलाड़ियों का उत्साह देख कर खुद को रोमांचित महसूस कर रही थी। मैं इन असाधारण एथलीट पर 'घूमर' के सकारात्मक प्रभाव से वास्तव में प्रभावित हूं। उनका समर्पण वास्तव में प्रेरणादायक है, और मैं उस फिल्म का हिस्सा बनने के लिए आभारी हूं जो उनकी स्थिति की दर्शाती है। उनकी कहानियां उस चीज का हिस्सा हैं जो हम फिल्म में दिखाना चाहते थे।'
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