उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में आर्थिक मदद की चाहत में फिल्मों की शूटिंग करते रहे फिल्म निर्माताओं को अब विदेशी लोकेशन्स पर भी खूब सब्सिडी मिल रही है। आईसलैंड जैसे देश शूटिंग पर वहां खर्च होने वाली धनराशि का एक तिहाई हिस्सा नकद लौटा रहे हैं। दुबई और अबूधाबी जैसे संयुक्त अरब अमीरात के राज्यों ने फिल्मों की शूटिंग पर करीब इतनी ही धनराशि लौटाने की व्यवस्था कर रखी है। और, ऐसा ही आकर्षण इन दिनों मुंबई के फिल्म निर्माताओं में लंदन और उसके पास स्थित ग्लासगो फिल्मसिटी को लेकर दिख रहा है। अक्षय कुमार की फिल्म ‘बेलबॉटम’ की शूटिंग यहां होने के बाद अब तमाम हिंदी और भोजपुरी फिल्में ग्लासगो फिल्मसिटी और आसपास शूट होने जा रही हैं।
Film Shooting: आईसलैंड में शूटिंग पर तिहाई रकम नकद वापस, यूपी, एमपी की सब्सिडी को लंदन, अबूधाबी से भी चुनौती
लंदन में भोजपुरी फिल्में
भोजपुरी फिल्मों के जाने माने निर्माता, वितरक और इम्पा के अध्यक्ष अभय सिन्हा ने लंदन के आसपास लंबा डेरा डालने की योजना बनाई है, वह वहां करीब डेढ़ दर्जन ऐसी फिल्मों की शूटिंग करने जा रहे हैं जिनकी लागत 50 लाख रुपये से लेकर एक करोड़ रुपये के बीच रहेगी। भोजपुरी फिल्मों के अलावा वह यहां पंजाबी फिल्मों और क्षेत्रीय भाषाओं की वेब सीरीज बनाने का भी इरादा रखते हैं। अभय सिन्हा इससे पहले भी लंदन के आसपास करीब 15 भोजपुरी फिल्मों का निर्माण कर चुके हैं, जिसमे पवन सिंह की तीन, प्रदीप पांडेय चिंटू की तीन, रितेश पांडेय की दो, अरविंद अकेला कल्लू की दो और बाकी कुछ और कलाकारों की फिल्में शामिल रहीं।
शूटिंग करने पर 30 फीसदी नकदी वापस
अबू धाबी फिल्म कमीशन के प्रमुख हैंस फ्रैंकिन के मुताबिक, फिल्मों की शूटिंग अबू धाबी में करना बहुत आसान है। वह गर्व से बताते हैं कि ऋतिक रोशन की फिल्म ‘विक्रम वेधा’ की हाल ही में संपन्न शूटिंग में 2500 भारतीयों की जरूरत को हमने चुटकी बजाते पूर कर दिया। यह यहां की खासियत है क्योंकि दुनिया में सबसे ज्यादा भारतीय अगर भारत के अलावा किसी दूसरे देश में रहते हैं तो वह संयुक्त अरब अमीरात ही है। फिल्म ‘टाइगर जिंदा है’ के लिए बने सेट को पर्यटकों के लिए संरक्षित होने की जानकारी भी हैंस ने इस मौके पर दी और बताया कि अबू धाबी में जिन फिल्मों की शूटिंग होती है, उनकी लागत की 30 फीसदी नकदी वापस आर्थिक सहायता के रूप में वापस कर दी जाती है। उन्होंने जल्द ही अबू धाबी में दुनिया की सबसे बड़ी फिल्म सिटी की स्थापना की भी घोषणा की। इसका क्षेत्रफल 45 लाख वर्ग गज होगा।
आईसलैंड में भी आर्थिक मदद
वहीं आईसलैंड में शूटिंग को लेकर ऐसे तमाम सारे निर्माता और निर्देशक उत्साहित हैं जिनकी फिल्मों में बर्फ से ढके पहाड़ या ग्लेशियर मुख्य भूमिका निभाते हैं। सियाचीन ग्लेशियर की एक दरार में फंसे भारतीय सैनिक की कहानी लिख रहे लेखक निर्देशक बी विनायक कहते हैं कि आईसलैंड का ऑफर उन्हें हाल ही में पता चला है। वह कहते हैं, ‘मैं अरसे से अपनी इस कहानी की लोकशन देखने के लिए रेकी करने जाना चाहता था और समझ नहीं पा रहा था कि कहां से शुरुआत करूं। मुझे लगता है कि आईसलैंड मेरी कहानी की पृष्ठभूमि के लिए बिल्कुल मुफीद रहेगा।’
लंदन पर सबकी निगाहें
इस बीच गोल्डन रेशियो फिल्म्स के अध्यक्ष अश्विनी चौधरी भी इन दिनों लंदन पहुंचे हुए हैं। गोल्डन रेशियो फिल्म्स ने हाल में मराठी और मलयालम में बेहतरीन फिल्में बनाई हैं। हिंदी की कई फिल्में भी इस कंपनी की निर्माणाधीन हैं। इनमें से कुछ फिल्मों की शूटिंग लंदन में भी करने की योजनाओं पर काम चल रहा है। गोल्डन रेशियो की मंशा अपनी सारी फिल्मों की स्लेट का एलान जल्द ही बड़े पैमाने पर करने की भी है।