अक्षय कुमार की फिल्म 'सम्राट पृथ्वीराज' इस शुक्रवार को रिलीज होने वाली है। कंपनी के तौर पर यशराज फिल्म्स पहली बार कोई ऐतिहासिक फिल्म बना रही है तो पहली बार ही अक्षय कुमार भी भारतीय मुगलकालीन इतिहास का कोई किरदार इस फिल्म में निभा रहे हैं। इस फिल्म को लेकर वह खूब उत्साहित हैं। फिल्म के निर्देशक डॉक्टर चंद्रप्रकाश द्विवेदी बार बार यह कहते रहे हैं कि पृथ्वीराज चौहान की भूमिका के लिए अक्षय कुमार ही उनकी पहली और आखिरी पसंद थे। यशराज फिल्म्स के मालिक आदित्य चोपड़ा ने भी उनके नाम पर सहमति जताई। अक्षय कुमार को फिल्मों में आए 30 साल से ज्यादा हो चुके हैं और फिल्म 'सम्राट पृथ्वीराज' उनकी यशराज फिल्म्स के साथ सिर्फ चौथी फिल्म है, ऐसा क्यों आइए जानते हैं..
Akshay Kumar: ‘दिल तो पागल है’ से ‘सम्राट पृथ्वीराज’ तक, अक्षय और आदि के बनते बिगड़ते रिश्तों की दिलचस्प कहानी
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‘ये दिल्लगी’ में मिला पहला मौका
यश चोपड़ा के खास फिल्म एडीटर रहे नरेश मल्होत्रा ने बतौर निर्देशक फिल्म ‘ये दिल्लगी’ से डेब्यू किया। फिल्म यश चोपड़ा ने ही प्रोड्यूस की। फिल्म में सैफ अली खान और काजोल के साथ अक्षय कुमार भी लीड रोल में थे। करीब डेढ़ करोड में बनी इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर साल 1994 में करीब 10 करोड़ का कारोबार किया। लेकिन यशराज फिल्म्स ने अक्षय कुमार को बतौर सोलो हीरो कोई फिल्म नहीं दी। तीन साल बाद फिल्म 'दिल तो पागल है' में यश चोपड़ा ने अक्षय कुमार एक खास किरदार दिया। इस किरदार की अवधि इतनी कम है कि फिल्म देखने वालों को भी अक्सर अक्षय का किरदार याद नहीं रहता। लेकिन, ये फिल्म अक्षय कभी भूल नहीं सकते।
‘दिल तो पागल है’ में मनमुटाव
फिल्म ‘दिल तो पागल है’ में अक्षय एक खास कैमियो में नजर आए थे। यही वह फिल्म है जहां से अक्षय कुमार और यश चोपड़ा के बेटे आदित्य चोपड़ा के बीच पहली बार किसी बात को लेकर असहमति की खबरें बाहर आनी शुरू ही। इस फिल्म में अक्षय कुमार का जो किरदार था उसके लिए यश चोपड़ा और आदित्य चोपड़ा चाह रहे थे कि अक्षय कुमार अपने बाल छोटे करवा लें। लेकिन अक्षय कुमार की उन दिनों खिलाड़ी सीरीज चल निकली थी और वह बैक टू बैक ‘सबसे बड़ा खिलाड़ी’, ‘खिलाड़ियों का खिलाड़ी’ और ‘मिस्टर एंड मिसेज खिलाड़ी’ जैसी फिल्मों में काम कर रहे थे। बताते हैं कि आदित्य चोपड़ा के कहने पर भी अक्षय ने अपने बाल छोटे कराने से मना कर दिया। और, ये बात आदि को अच्छी नहीं लगी।
14 साल बाद मिला मौका
फिल्म ‘दिल तो पागल’ है के बाद अक्षय कुमार को यशराज फिल्म्स ने वापस बुलाया 2008 में रिलीज हुई अपनी फिल्म 'टशन' के लिए। इन 11 साल में अक्षय का रुतबा काफी बढ़ गया था लेकिन कम लोगों को ही पता है कि इस फिल्म के लिए भी अक्षय कुमार इस फिल्म के निर्देशक विजय कृष्ण आचार्य के सुझाव पर ही यशराज फिल्म्स में आए। ठीक वैसे ही जैसे अब फिल्म 'सम्राट पृथ्वीराज चौहान' में वह फिल्म के निर्देशक डॉक्टर चंद्र प्रकाश द्विवेदी के सुझाव पर ही इस फिल्म में आए हैं। फिल्म ‘टशन’ के बाद अक्षय अब 14 साल बाद यशराज फिल्म्स लौटे हैं फिल्म ‘सम्राट पृथ्वीराज’ के लिए।
करण जौहर ने भी बनाई दूरी
'दिल तो पागल है' की शूटिंग के दौरान फिल्म में आदित्य चोपड़ा के ममेरे भाई करण जौहर भी बतौर सहायक निर्देशक काम कर रहे थे। आदि और करण की दोस्ती जगजाहिर है। गौर करने वाली बात यहां ये है कि करण जौहर भी जब निर्देशक बने तो उन्होंने कभी अक्षय कुमार को लेकर कोई फिल्म नहीं निर्देशित की। करण जौहर ने अक्षय कुमार के साथ 17 साल तक काम नहीं किया। करण जौहर ने 1998 में 'कुछ कुछ होता है' के जरिये निर्देशन के क्षेत्र में कदम रखा और दोनों ने पहली बार एक साथ काम किया 2015 में आई फिल्म 'ब्रदर्स' के लिए। करण जौहर इस फिल्म के निर्माता हैं और निर्देशक थे करण मल्होत्रा।