फिल्म इंडस्ट्री के महानायक अमिताभ बच्चन बीते पांच दशकों से बॉलीवुड पर कब्जा जमाये हुए हैं। जहां उनकी उम्र के अभिनेता अभिनय से कब का रिटायरमेंट ले चुके हैं या फिर फिल्मों से दूरी बना चुके हैं, वहीं 'बिग बी' इस उम्र में भी अपने दमदार अभिनय और संवाद शैली की बदौलत दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाये हुए हैं। हाल ही में उनकी फिल्म चेहरे रिलीज हुई है, जिसे दर्शकों की मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली है। फिल्मों के साथ ही अमिताभ छोटे पर्दे पर भी सक्रिय हैं। उनका शो 'कौन बनेगा करोड़पति' घर-घर में लोकप्रिय है। 11 अक्तूबर को फिल्म इंडस्ट्री के इस 'शहंशाह' का जन्मदिन है। 1942 में पैदा हुए अमिताभ अब 79 साल के हो गये हैं। उन्होंने अपनी इस लंबी जर्नी में कई पड़ाव देखे हैं। कई सुपरहिट फिल्में दी, तो लगातार फ्लॉप फिल्मों का दबाव भी झेला है। फिल्म के सेट पर घायल हुए, राजनीति में गये और फिर वापस इंडस्ट्री में कदम रखने वाले अमिताभ के भारत में ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी करोड़ों चाहने वाले हैं।
बर्थडे स्पेशल: इंडस्ट्री में ये शख्स था अमिताभ का गॉडफादर, संघर्ष के दिनों में दिया साथ... पर रिश्ता नहीं निभा पाये 'बिग बी'
महमूद ही वह शख्स थे जिन्होंने सबसे पहले इंडस्ट्री में अमिताभ बच्चन का साथ दिया था। उन्हें अमिताभ बच्चन का गॉडफादर कहा जाता है। अमिताभ बच्चन के संघर्ष के दिनों में महमूद ही उनका सहारा बने थे। लेकिन, बाद में महमूद और अमिताभ बच्चन के रिश्ते में खटास पड़ गई। अमिताभ, महमूद के साथ अपना रिश्ता नहीं निभा पाये। महमूद कहते थे, अमिताभ बच्चन के दो पिता हैं, एक सगे यानी कि हरिवंश राय बच्चन और दूसरे खुद महमूद।
एक वक्त ऐसा भी था जब बॉलीवुड में काम नहीं मिलने के कारण हताश अमिताभ वापस घर लौटने के बारे में सोच रहे थे। उसी वक्त महमूद उनके तारणहार बनकर उभरे। महमूद ने उस वक्त अमिताभ को ‘बॉम्बे टू गोवा’ फिल्म में काम दिलवाया। फिल्म को खुद महमूद ने प्रोड्यूस किया था। इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन किया था। यहां तक की संघर्ष के दिनों में महमूद ने अमिताभ को अपने घर में तक रखा था।
महमूद ने अपने एक इंटरव्यू में कहा था, जिस व्यक्ति को सफलता मिलती है, उसके दो पिता होते हैं, एक उसका अपना पिता और दूसरा वह जो उसे पैसा कमाना सिखाता है। मैंने अमिताभ को सिखाया, रहने की जगह दी और फिल्में दिलवाईं। ऐसा नहीं है कि अमिताभ, महमूद का सम्मान नहीं करते थे, लेकिन उन्होंने अस्पताल के बिस्तर पर बीमार पड़े महमूद का हाल-चाल नहीं जानकर, उनके दिल को ठेस पहुंचा दी थी।
अमिताभ के खाने और रहने का बंदोवस्त करने वाले महमूद का कहना था कि अमिताभ ने यह साबित कर दिया कि असली पिता, असली होता है। महमूद का कहना था कि अमिताभ न ही उनसे मिलने अस्पताल में आये और न ही उन्हें जल्द ठीक होने के लिए कार्ड भेजा। यहां तक ही अमिताभ ने महमूद को एक छोटा सा फूल तक भी नहीं भेजा। अमिताभ को पता था कि मैं अस्पताल में भर्ती हूं। लेकिन, वो मुझसे मिलने तक नहीं आये। ये ही वजह थी कि अमिताभ और अमहमूद के रिश्ते में खटास पड़ गई थी।
1970 से लेकर 1980 के दौरान भारतीय सिनेमा में अमिताभ का जबरदस्त दबदबा रहा। जिसके कारण उन्हें 'वन मैन इंडस्ट्री' जैसा खिताब भी दिया गया। यह खिताब अमिताभ को फ्रेंच डायरेक्टर फ्रांस्वा ट्रूफोटा ने दिया। अमिताभ ने 200 से ज्यादा फिल्में की हैं। उन्हें अपने अभिनय करियर में अनगिनत पुरस्कारों से नवाजा गया है। दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से लेकर पद्मश्री और पद्मभूषण तक का सर्वोच्च सम्मान मिल चुका है। तीन बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और 16 बार फिल्मफेयर अवॉर्ड जीतने वाले अमिताभ बच्चन सिर्फ एक्टर ही नहीं, बल्कि प्लेबैक सिंगर और फिल्म प्रोड्यूसर भी हैं।
