{"_id":"5dc3c8338ebc3e5b2f54435f","slug":"amitabh-bachchan-completes-50-years-in-bollywood-saat-hindustani-directed-by-khwaja-ahmad-abbas","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"हिंदी सिनेमा में बिग बी के 50 साल पूरे, ख्वाजा अहमद अब्बास के इस सवाल पर बंध गई थी अमिताभ की घिघ्घी","category":{"title":"Bollywood","title_hn":"बॉलीवुड","slug":"bollywood"}}
हिंदी सिनेमा में बिग बी के 50 साल पूरे, ख्वाजा अहमद अब्बास के इस सवाल पर बंध गई थी अमिताभ की घिघ्घी
Thu, 07 Nov 2019 01:08 PM IST
अपूर्वा राय
पंकज शुक्ल, मुंबई
पंकज शुक्ल, मुंबई
Published by: अपूर्वा राय
Updated Thu, 07 Nov 2019 01:08 PM IST
विज्ञापन
अमिताभ बच्चन
- फोटो : social media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पिछली सदी के महानायक कहलाए अभिनेता अमिताभ बच्चन नई सदी में भी नए जोश के साथ हिंदी फिल्मों में लीड किरदार कर रहे हैं। 7 नवंबर 1969 को उनकी पहली फिल्म सात हिंदुस्तानी रिलीज हुई, इस लिहाज से अमिताभ बच्चन ने गुरुवार को सिनेमा में 50 साल पूरे कर लिए। बिग बी के सिनेमा में 50 साल पूरे होने पर फिल्म जगत के तमाम लोगों ने उन्हें बधाइयां भेजी हैं, लेकिन कम लोग ही जानते होंगे कि आखिर फिल्म सात हिंदुस्तानी में अमिताभ बच्चन को ये रोल मिला कैसे?
अमिताभ बच्चन
- फोटो : social media
किस्सा कुछ यूं है कि उन दिनों के मशहूर लेखक इंदर राज आनंद ने अपने बेटे टीनू आनंद को फिल्मी माहौल से दूर रखने के लिए कैटरिंग कॉलेज में एडमिशन दिला दिया था। लेकिन टीनू कॉलेज से बंक करके चले जाते थे, फिल्में देखने। एक दिन टीनू तब रंगे हाथों पकड़े गए जब उनके पिता बिना उनको बताए कॉलेज पहुंच गए। टीनू की फिल्मों में दिलचस्पी देख इंदर राज आनंद ने अपने मित्र लेखक-निर्देशक ख्वाजा अहमद अब्बास से उन्हें अपनी टीम में रखने का अनुरोध किया। अब्बास उन दिनों सात हिंदुस्तानी बनाने की तैयार कर रहे थे तो उन्होंने टीनू को अपनी निर्देशन टीम में सहायक बनाने के साथ-साथ फिल्म में एक दमदार रोल भी दे दिया।
Saat Hindustani
- फोटो : Twitter
टीनू से मेरी पहली मुलाकात जी नेटवर्क के लिए अमिताभ बच्चन पर मेरी बनाई एक डॉक्यूमेंट्री के दौरान हुई। टीनू ने बताया कि सात हिंदुस्तानी शुरू होने से ठीक पहले उन्हें सत्यजीत रे के साथ काम करने का मौका मिल गया। और, इस काम के लिए खुद अब्बास साहब ने ही सिफारिश की थी लेकिन सात हिंदुस्तानी बनाने की भागदौड़ में वे इसे भूल गए। अब टीनू के सामने धर्मसंकट ये कि वह ये बात ख्वाजा अहमद अब्बास को कैसे बताएं। किसी तरह हिम्मत जुटाकर टीनू ने इस बात का खुलासा किया और अब्बास उन पर बादल की तरह बरस पड़े। अब्बास ने निर्देश दिया कि अपनी जगह अब टीनू ही कोई कलाकार ढूंढकर लाएं जो उनकी जगह ले सके और यहां किस्से में एंट्री होती है अमिताभ बच्चन की।
विज्ञापन
विज्ञापन
Saat Hindustani
- फोटो : Twitter
अमिताभ बच्चन उन दिनों कलकत्ता में नौकरी कर रहे थे। तनख्वाह भी उनकी बहुत अच्छी थी। तब उन्हें साढ़े तीन हजार रुपये महीना मिला करते थे। उन्हीं की फोटो टीनू आनंद ने ख्वाजा अहमद अब्बास को थमा दी। अब्बास ने देखा भी नहीं कि कौन लड़का है, कैसा दिखता है, बस टीनू से बोला कि इसे बुला लो। अमिताभ बच्चन फिल्मों में आने के लिए बहुत उत्सुक थे और टीनू का टेलीग्राम मिलते ही मुंबई आ धमके।
विज्ञापन
saat hindustani
- फोटो : file photo
ख्वाजा अहमद अब्बास के दफ्तर में अमिताभ बच्चन का इंटरव्यू हुआ। उनका सरनेम बच्चन देखकर अब्बास को शक हुआ। उन्होंने अमिताभ से पूछा, ‘क्या तुम हरिवंश राय बच्चन के बेटे हो?’ अमिताभ को लगा कि उनका फिल्मी करियर शुरू होने से पहले ही खत्म हो जाएगा क्योंकि अब्बास ने सीधे हरिवंश राय बच्चन को फोन कर दिया। ये पूछे जाने पर कि क्या उन्होंने अमिताभ को फिल्मों में काम करने की अनुमति दी है, डॉ. हरिवंश राय बच्चन ने कहा कि अगर उनके बेटे को ख्वाजा अहमद अब्बास जैसी शख्सियत की शागिर्दी में काम करने का मौका मिल रहा है तो उन्हें कोई एतराज नहीं है।