आयुष्मान खुराना की नई फिल्म आर्टिकल-15 लगातार विवादों में है। यह फिल्म आने वाले 28 जून को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। इसमें वह पहली बार पुलिस ऑफिसर की भूमिका में नजर आएंगे। ब्राह्मण समुदाय का आरोप है कि फिल्म में उनकी छवि को धूमिल किया गया है। डायरेक्टर अनुभव सिन्हा ने अपने ट्विटर अकाउंट पर फिल्म का विरोध करने वालों को जवाब देते हुए एक ओपन लेटर लिखा है।
आर्टिकल 15 के डायरेक्टर अनुभव सिन्हा ने लिखा खुला खत, बोले- मेरी पत्नी भी ब्राह्मण
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अनुभव सिन्हा ने लेटर में लिखा है, 'देश के सभी ब्राह्मण संगठनों को मेरा नमस्कार। साथ ही करणी सेना को भी। साथ ही मैं इस पत्र के माध्यम से आप के उन सभी सदस्यों को क्षमा भी करता हूं जिन्होंने असहमति और विरोध की मर्यादाओं का उल्लंघन किया। मेरी हत्या या मेरी बहनों और मेरी दिवंगत मां के बलात्कार की धमकियों से संवाद नहीं हो सकता। मेरा विश्वास है कि आप में से अधिकतर लोग इस प्रकार के विरोध का सामना नहीं करेंगे। सबसे पहले मैं आपको ये समझा दूं कि किसी भी फिल्म का ट्रेलर उसकी पूरी कहानी नहीं कह पाता। सम्भव नहीं है। फिल्म के बहुत से टुकड़ों को जोड़कर एक आकर्षक कहानी बताने का प्रयास होता है। कोई भी फिल्म किसी भी समाज का निरादर करने का प्रयास करेगी ऐसी सम्भावना कम है।'
इसके आगे उन्होंने लिखा, 'अब फिल्म आर्टिकल 15 की बात करते हैं। मेरा विश्वास करें फिल्म में ब्राह्मण समाज का कोई निरादर नहीं किया गया है। आप को जानकर हर्ष होगा कि फिल्म के बनाए जाने में मेरे कई ब्राह्मण साथी भी हैं, कई कलाकार भी। कोई कारण नहीं है कि ब्राह्मणों का निरादर किया जाए। वैसे मेरी पत्नी भी ब्राह्मण हैं। सो मेरे पुत्र के अस्तित्व में भी ब्राह्मण समाते हैं और चलिए शायद मेरी बात का विश्वास न भी हो रहा हो तो कुछ यूं करते हैं। सोमवार से फिल्म हमारे पत्रकार साथियों को मुंबई और दिल्ली में दिखाई गई है। कई विवेचनाएं भी इंटरनेट पर उपलब्ध हैं। मैं अपने उन सभी पत्रकार मित्रों को आमंत्रित करता हूं कि इस पत्र के उत्तर में वो आप सभी को आश्वस्त करें कि फिल्म में ब्राह्मण समाज का निरादर नहीं किया गया है। न ही राजपूत समाज का।'
An open letter to all offended from my film's trailer #ARTICLE15 pic.twitter.com/LE8QTjpkLx
बता दें कि बदायूं रेप कांड को लेकर बनी फिल्म आर्टिकल 15 पर प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की गई है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि फिल्म में गैंगरेप के आरोपियों को ब्राह्मण बताया गया है। इसके जरिए सामाजिक विद्वेष फैलाने का प्रयास किया जा रहा है।
याचिकर्ता का कहना है कि फिल्म में मूल तथ्यों से छेड़छाड़ की गई है और जाति विशेष को बदनाम करने का प्रयास किया गया है। याचिका में फिल्म के निर्देशक अनुभव सिन्हा, अभिनेता आयुष्मान खुराना, ईशा तलवार, सयानी गुप्ता, कुमुद मिश्र, मोहम्मद जीशान अयूब, अनुराग सोफिया और लेखक गौरव सोलंकी को पक्षकार बनाया गया है।