आवाज से अभिनय तक: मध्य प्रदेश से है इनका संबंध, बॉलीवुड में कायम है दबदबा
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किशोर कुमार
बॉलीवुड में ऐसा कोई भी व्यक्ति नहीं है जो किशोर कुमार से प्रभावित न हो। यदि आप हिंदी गानों के शौकीन हैं और आपकी पसंदीदा लिस्ट में किशोर दा के गाने न हों यह नामुमकिन सा लगता है। किशोर कुमार का जन्म 4 अगस्त, 1929 को मध्यप्रदेश के खंडवा में एक बंगाली परिवार में हुआ था। उनका असली नाम आभास कुमार गांगुली था, जिसे फिल्मों में आने के बाद उन्होंने बदल लिया था। किशोर कुमार एक ऐसी शख्सियत थे, जिसमें बहुमुखी प्रतिभा होने के साथ ही वह सब था, जिसकी वजह से लोग उन्हें महान मानते थे। एक गायक और अभिनेता होने के साथ किशोर कुमार ने लेखक, निर्देशक, निर्माता और संवाद लेखक तक की भूमिका निभाई। उन्होंने बंगाली, मराठी, गुजराती, कन्नड़ जैसी कई फिल्मों में अपनी आवाज का जादू बिखेरा।
लता मंगेशकर
सिनेमा जगत में हम जब भी बेहतरीन गायकों का नाम लेते हैं तो पुरुषों की जमात ज्यादा मिलती है। लेकिन महिलाओं के मंझे हुए नाम चंद हैं। भारत में गायिकी का दूसरा नाम हैं लता मंगेशकर। लता जी भी मध्य प्रदेश की हैं। उनका जन्म 28 सितंबर 1929 को मध्यप्रदेश के इंदौर शहर के एक मध्यम वर्गीय मराठी परिवार में हुआ था। कहते हैं पूरे मंशेकर परिवार का ताल्लुक ही मध्य प्रदेश से है। उन्होंने ने देश को न जानें कितने ही अविस्मरणीय नगमे दिए। यह वही लता मंगेशकर हैं, जिन्होंने 1962 में चीन के साथ हुए युद्ध के बाद एक कार्यक्रम में पंडित प्रदीप का लिखा 'ऐ मेरे वतन के लोगों' गाया तो तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की आंखों से आंसू निकल पड़े थे। लता मंगेशकर को भारत रत्न से सम्मानित किया जा चुका है।
अशोक कुमार
बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता अशोक कुमार की छवि एक सदाबहार अभिनेता की रही है। उन्होंने अपने सहज अभिनय के दम पर स्टारडम खड़ा किया और कभी अपने को किसी छवि से बंधने नहीं दिया। अशोक कुमार का जन्म वैसे तो बिहार में हुआ था, लेकिन उनके पिता मध्य प्रदेश में रहते थे। गायक एवं अभिनेता किशोर कुमार और अभिनेता अनूप कुमार उनके छोटे भाई थे। दरअसल, इन दोनों को फिल्मों में आने की प्रेरणा भी अशोक कुमार से ही मिली थी।
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जया बच्चन
बॉलीवुड के महानायक की पत्नी जया बच्चन ने भोपाल के सेंट जोसफ कॉन्वेंट स्कूल से अपनी शिक्षा प्राप्त की। स्कूल के दिनों से ही जया खेलकूद में काफी आगे थीं, जिसका फल उन्हें 1966 में मिला, जब उन्हें प्रधानमंत्री के हाथों एनसीसी की बेस्ट कैडेट होने का पुरस्कार मिला था। इसके अलावा जया बच्चन ने भरतनाट्यम का भी प्रशिक्षण लिया था। जया बच्चन ने अपने फिल्मी करियर में कई बेमिसाल फिल्में की हैं। इनमें शोले, अनामिका, सिलसिला, परिचय, जंजीर, अभिमान और कोरा कागज जैसी फिल्में शामिल हैं। बाद में वे राजनीति में आ गईं।